बाढ़ का कहर...हरियों पंचायत के कई गांव जलमग्न
बिहपुर प्रखंड की हरियों पंचायत में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से बड़ीखाल गांव पूरी तरह बाढ़ में डूब गया है। गांव की गलियां, घर और स्कूल पानी में हैं। ग्रामीण ऊंचे स्थानों की तलाश कर रहे हैं। कई परिवार ने एनएच-106 पर शरण ली है। प्रशासन ने नावों और एम्बुलेंस की व्यवस्था की है।

बिहपुर, संवाद सूत्र। भागलपुर-मधेपुरा जिले की सीमावर्ती से सटे बिहपुर प्रखंड की हरियों पंचायत के अहुती और बड़ीखाल गांव में कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने तबाही मचा दी है। पंचायत के वार्ड संख्या एक और दो में स्थित बड़ीखाल गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब गया है। गांव की गलियां, सड़कें, घरों के आंगन, स्कूल और मंदिर तक पानी में समा गए हैं। चारों ओर पानी फैल जाने से ग्रामीणों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीण अपने परिवार और मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए ऊंचे स्थानों की तलाश में जुटे हैं। कई परिवारों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-106 पर शरण ले रखी है।
बड़ीखाल के वार्ड सचिव मंटू मंडल ने बताया कि निजी स्तर पर नाव की व्यवस्था कर परिजनों और मवेशियों को एनएच-106 तक पहुंचाया गया है। हरियों पंचायत के वार्ड संख्या चार के वार्ड सदस्य मोहम्मद जनीष ने भी प्रशासनिक व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि कहारपुर के वार्ड संख्या चार और वार्ड संख्या तीन में भी कोसी का पानी घरों में प्रवेश कर गया है। वहीं वार्ड सदस्य मंजू देवी ने बताया कि कई ग्रामीण एनएच-106 पर अस्थायी झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर हैं। नवगछिया एसडीओ के. परीक्षित ने बताया कि फिलहाल दो नावें चलाई जा रही हैं। जरूरत के अनुसार अन्य नावें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। एम्बुलेंस और बोट एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को इलाज और जरूरी सेवाओं के लिए कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।


