110 करोड़ की साइबर ठगी, प्रयागराज के 114 बैंक खाता और मोबाइल धारकों पर शिकंजा
प्रयागराज में पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की। 6 से 12 जुलाई तक चलाए गए साइबर ब्रज अभियान में 114 बैंक खाताधारकों और मोबाइल नंबर धारकों को हिरासत में लिया गया। अनुसन्धान में साइबर ठगी में उपयोग किए गए खातों और मोबाइल नंबरों का खुलासा हुआ।

प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छह से 12 जुलाई तक चलाए गए साइबर ब्रज अभियान में ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान 15 टीमों ने कार्रवाई करते हुए 114 बैंक खाताधारकों और मोबाइल नंबर धारकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सत्यापन के बाद 11 थानों में कुल 18 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
साइबर ठगी की जांच
साइबर क्राइम और थानों की साइबर हेल्प डेस्क की संयुक्त टीमों की जांच में सामने आया कि बैंक खाते और मोबाइल नंबर साइबर गिरोह की ओर से ऑनलाइन ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे थे। निवेश, डिजिटल अरेस्ट, पार्ट-टाइम जॉब, क्रिप्टो ट्रेडिंग आदि का झांसा देकर लोगों को शिकार बनाते थे। साइबर सेल प्रभारी घनश्याम यादव ने बताया कि जांच में 16 राज्यों से प्राप्त 182 एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) शिकायतों का संबंध प्रयागराज के 114 व्यक्तियों से मिला। इन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का उपयोग करीब 110 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में होने के साक्ष्य मिले हैं। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। वहीं अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
म्यूल खातों की जांच
कमीशन का प्रलोभन देख खोले गए म्यूल खाते
साइबर पुलिस के अनुसार, साइबर ठग अक्सर कमीशन का लालच देकर लोगों से बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल कर लेते हैं। बाद में इन्हीं खातों में ठगी की रकम मंगाई जाती है। मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल फर्जी कॉल, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य साइबर अपराधों में किया जाता है। अभियान के दौरान साइबर थाने में तीन, जबकि मुट्ठीगंज, धूमनगंज, नैनी और कोरांव में दो-दो मुकदमे दर्ज किए गए। इसके अलावा पूरामुफ्ती, कर्नलगंज, खुल्दाबाद, कीडगंज और सिविल लाइंस थाने में भी एक-एक मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


