जारांगे के विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ ओबीसी कार्यकर्ताओं का आंदोलन शुरू
जालना में मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे के विरोध स्थल के समीप ओबीसी समुदाय के कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। वे मराठा समुदाय के लिए ओबीसी दर्जे की मांग कर रहे हैं। हड़ताल में भाग लेने वाले कार्यकर्ताओं ने सरकारी हस्तक्षेप के खिलाफ अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया है।

जालना, एजेंसी। महाराष्ट्र के जालना जिले में मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे के विरोध-प्रदर्शन वाली जगह से कुछ ही मीटर की दूरी पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के कार्यकर्ताओं ने रविवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। यह घटनाक्रम जारांगे की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के नौवें दिन हुआ। वे अंतरवाली सारटी गांव में हड़ताल पर बैठे हैं। मराठा समुदाय के लिए ओबीसी दर्जे की मांग करते हुए उन्होंने मेडिकल मदद, पानी लेने से इनकार कर दिया है। उनकी मांगों में हैदराबाद और सतारा गजट के रिकॉर्ड को लागू करना और मराठा समुदाय के योग्य सदस्यों को कुनबी जाति का सर्टिफिकेट जारी करना शामिल है।
कुनबी एक पारंपरिक खेती करने वाला समुदाय है जो आधिकारिक तौर पर ओबीसी कैटेगरी में आता है।ओबीसी कार्यकर्ताओं मंगेश ससाने, विट्ठल तलेकर, सतीश कुलाल और बाबासाहेब बतुले ने अंतरवाली सारटी गांव के सोनिया नगर में अपनी हड़ताल शुरू की। उन्होंने कहा कि उनके आंदोलन का मकसद ओबीसी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों और आरक्षण के हिस्से की रक्षा करना है। ससाने ने आरोप लगाया कि जारांगे के चल रहे आंदोलन के जरिए राज्य सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है, जिससे यह आशंका पैदा हो गई है कि ओबीसी समुदाय के आरक्षण के हिस्से से समझौता किया जा सकता है।


