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अब यहां से क्या कर सकते हैं एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र में पांच बड़ी राजनीतिक संभावनाओं पर एक नजर

एक तरफ उद्धव ठाकरे बागियों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान कर चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे और बागी गुट की तरफ से जो संकेत मिल रहे हैं, वह भी यही इशारा कर रहे हैं यह गुट झुकने को तैयार नहीं है।

अब यहां से क्या कर सकते हैं एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र में पांच बड़ी राजनीतिक संभावनाओं पर एक नजर
Deepakलाइव हिंदुस्तान,मुंबईSat, 25 Jun 2022 08:37 PM

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महाराष्ट्र में तेजी से बदलते सियासी घटनाक्रम में लगातार दिलचस्प मोड़ आ रहे हैं। एक तरफ उद्धव ठाकरे बागियों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान कर चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे और बागी गुट की तरफ से जो संकेत मिल रहे हैं, वह भी यही इशारा कर रहे हैं यह गुट झुकने को तैयार नहीं है। वहीं शिंदे और फडणवीस के बीच मुलाकात की खबरें भी आ रही हैं। ऐसे में यह जानना दिलचस्प होगा कि मौजूदा हालात के बीच एकनाथ शिंदे क्या-क्या कर सकते हैं? आइए एक नजर डालते हैं पांच ऐसी ही बड़ी संभावनाओं पर...

1. अगर 16 बागी विधायक अयोग्य घोषित हो जाएं तो?
डिप्टी स्पीकर ने 16 बागी विधायकों के खिलाफ नोटिस जारी कर दी है। बुधवार को पार्टी मीटिंग न ज्वॉइन करने के बाद में उद्धव ठाकरे ने बागियों के खिलाफ यह मांग की थी। अगर बागी गुट के नेता एकनाथ शिंदे समेत सभी 16 विधायक अयोग्य घोषित हो जाते हैं तो यह कुछ भी नहीं कर पाएंगे। खुद शिंदे भी अपने विधायक पद से हाथ धो बैठेंगे। हालांकि वह कोर्ट का रुख कर सकते हैं, लेकिन यह एक लंबी चलने वाली प्रक्रिया होगी। 
2. क्या अविश्वास प्रस्ताव के लिए गवर्नर को पत्र लिख सकते हैं?
एकनाथ शिंदे के सामने दूसरा विकल्प यह है कि वह राज्यपाल को अविश्वास प्रस्ताव के लिए पत्र लिख सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक इसमें एक बाधा है। दल-बदल कानून के मुताबिक शिंदे गुट को शिवसेना के दो-तिहाई विधायकों के साथ किसी अन्य दल में शामिल होना होगा। 

3. क्या भाजपा में मर्ज होने का फैसला ले सकते हैं?
शिवसेना के बागी गुट के पास एक और रास्ता है कि वह भाजपा के साथ मर्ज हो सकते हैं। हालांकि इसमें एक बहुत बड़ी समस्या है जो इन विधायकों का राजनीतिक भविष्य दांव पर लगा सकती है। भाजपा में शामिल होते ही इन विधायकों को बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों से दूर होना होगा। राजनीतिक नजरिए यह इनके लिए सही कदम नहीं होगा। हां, यह विधायक निर्दलीय विधायक बच्चू कुडू की प्रहार जनशक्ति पार्टी में शामिल हो सकते हैं। इस दल के दोनों विधायक फिलहाल शिंदे कैंप के साथ हैं। 

4. क्या उद्धव ठाकरे से शिवसेना की कमान ले सकते हैं?
एक अन्य संभावना इस बात की है क्या शिंदे गुट के विधायक उद्धव ठाकरे से शिवसेना का उत्तराधिकार छीन सकते हैं। ऐसा करने के लिए इन्हें इलेक्शन कमीशन के पास जाना होगा और शिवसेना के सिंबल पर दावा करना होगा। हालांकि उद्धव ठाकरे स्पष्ट कर चुके हैं कि पार्टी का संविधान इसकी इजाजत नहीं देता। वहीं उन्होंने अपने साथ जमीनी नेताओं का समर्थन होने की बात भी कही है।

5. क्या ठाकरे से कर सकते हैं समझौता?
यह एक आखिरी विकल्प है, जिसकी फिलहाल के हालात में दूर-दूर तक कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। जिस तरह से दोनों गुटों ने एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है, उससे कहीं से भी यह नहीं लगता कि दोनों में कोई समझौता हो भी सकता है। हालांकि राजनीति में संभावनाएं अनंत हैं, इसलिए आखिरी फैसला होने तक कुछ भी कहा नहीं जा सकता।

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