Maharashtra Politics: now eyes on congress and ncp read ten points - Maharashtra Politics: देर रात तक चला सियासी घटनाक्रम, कांग्रेस-NCP के अगले कदम पर नजरें; पढ़ें 10 खास बातें DA Image
13 दिसंबर, 2019|1:31|IST

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Maharashtra Politics: देर रात तक चला सियासी घटनाक्रम, कांग्रेस-NCP के अगले कदम पर नजरें; पढ़ें 10 खास बातें

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Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में देर रात तक चले सियासी घटनाक्रम के बाद भी तस्वीर साफ नहीं हुई। एनसीपी को राज्यपाल की ओर से सरकार बनाने का न्योता तो मिल गया है लेकिन  कांग्रेस और एनसीपी दोनों ने अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं। अब सबकी निगाहें कांग्रेस और एनसीपी के अगले कदम पर टिकी हैं। पढ़ें, महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रम की दस खास बातें:

1- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, महासचिव और प्रदेश प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल मंगलवार को मुम्बई में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात करेंगे।

2- इसके साथ इन नेताओं की शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात हो सकती है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह नेता सभी से चर्चा कर निर्णय लेंगे। 

3- शिवसेना के मंत्री अरविंद सावंत के केंद्र सरकार से इस्तीफे के बाद मुंबई के साथ दिल्ली में भी गतिविधियां तेज हो गईं। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से टेलीफोन पर बातचीत के बाद ऐसा लगा कि बस अब औपचारिक ऐलान बाकी है। पर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में एकराय नहीं बन पाई।

4- सूत्रों ने बताया कि कार्यसमिति की बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से फोन पर बात की। इस दौरान पवार ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने अभी खुद ही जवाब नहीं दिया है। जब तक उनकी ओर से जवाब नहीं मिलता तब तक हम आगे कैसे बढ़ सकते हैं। इसके बाद सोनिया गांधी ने समर्थन देने का फैसला मंगलवार के लिए टाल दिया।

5- कई सदस्यों को ऐतराज: पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सीडब्ल्यूसी में कई नेताओं को शिवसेना का समर्थन करने पर एतराज था, जबकि कुछ सदस्य इसके पक्ष में थे। दूसरी तरफ मुम्बई में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने भी अपने पत्ते नही खोले थे, इसलिए पार्टी ने शरद पवार से बात कर कोई निर्णय करने का फैसला किया। 

6- इसके साथ पार्टी को यह भी डर है कि कर्नाटक की तरह भाजपा उसके विधायक तोड़ सकती है। कांग्रेस कार्यसमिति  में भी यह मुद्दा उठा। कई सदस्यों का कहना था कि कांग्रेस सरकार में शामिल होती है तो कुछ विधायक ही मंत्री बनेंगे। बाहर से समर्थन पर भी विधायकों के टूटने का डर है। इसलिए इन सभी पहलुओं पर विचार कर कोई निर्णय लेना चाहिए। उधर, कई बड़े नेता इस बार से असहमत हैं कि शिवसेना के साथ सरकार बनाना चाहिए। 

7- राज्यपाल से सरकार बनाने का न्योता मिलने के बाद एनसीपी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस उनकी गठबंधन सहयोगी है। उससे चर्चा के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। 

8- पार्टी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि हम कांग्रेस के साथ बातचीत करेंगे और एक स्थायी सरकार बनाने पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के 18 दिन बाद भी अभी तक सरकार का गठन नहीं हो पाया है।

9- महाराष्ट्र में सरकार गठन पर खींचतान के बीच, शिवसेना सांसद और केंद्र में भारी उद्योग मंत्री अरविंद सावंत ने सोमवार को एनडीए सरकार से इस्तीफा दे दिया था। सावंत ने भाजपा पर सत्ता में हिस्सेदारी के तय फार्मूले से मुकरने का आरोप लगाया था। 

10- महाराष्ट्र में देर रात नाटकीय घटनाक्रम के बीच भाजपा की दो-दो बार कोर कमेटी की बैठक हुई। इसके बाद पार्टी ने कहा कि पूरे सियासी हालात पर वह नजर बनाए हुए है और आने वाले में वक्त में चर्चा कर कोई फैसला लिया जाएगा।

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