नेपाल से लौटे महाराष्ट्र के तीर्थयात्रियों का डीआरएम ने जाना हाल
नेपाल के काठमांडू से लौट रहे महाराष्ट्र के 105 तीर्थयात्री शनिवार को पीडीडीयू जंक्शन पहुंचे। रेल प्रशासन ने उनका स्वागत किया और नेपाल में बाढ़ के बारे में जानकारी ली। यात्रियों ने कहा कि पशुपतिनाथ मंदिर के पास कोई हानि नहीं हुई, लेकिन स्थानीय लोग दहशत में हैं। चिकित्सकीय जांच में कुछ यात्रियों में मौसमी बीमारी के लक्षण पाए गए।

पीडीडीयू नगर, संवाददाता। नेपाल के काठमांडू से दर्शन-पूजन कर लौट रहे महाराष्ट्र के यात्रियों का जत्था शनिवार की सुबह स्थानीय पीडीडीयू जंक्शन पर पहुंचा। उनके पहुंचने पर रेल प्रशासन ने उनका स्वागत किया और डीआरएम ने उनका हालचाल लिया। साथ ही नेपाल में हुई बाढ़ त्रासदी के बारे में जानकारी ली। तीर्थयात्रियों ने कहा कि पशुपतिनाथ मंदिर के पास कोई त्रासदी नहीं थी लेकिन वहां हुए हादसे से नेपाल के नागरिक सहमे हुए हैं। सभी लोग दहशत में दिखे। महाराष्ट्र के नागपुर से 105 यात्रियों का जत्था काठमांडू में पशुपतिनाथ धाम के दर्शन के लिए गया था। यात्रा पूरी कर सभी यात्री पूर्णा एक्सप्रेस से वापस लौट रहे थे।
शुक्रवार को ट्रेन प्लेटफार्म संख्या चार पर सवा दस बजे पहुंची। यात्रियों के जंक्शन पर पहुंचने की सूचना पर डीआरएम उदय सिंह मीना स्वयं प्लेटफार्म पर पहुंचे। उन्होंने सभी यात्रियों से कुशलक्षेम पूछा और नेपाल हादसे के बारे में जानकारी ली। पूर्णा एक्सप्रेस के बीई-1 एवं बीई-2 कोच में सवार सभी 105 यात्रियों को विभागीय कर्मचारियों ने नाश्ता और चाय-पानी कराया। साथ ही रास्ते के लिए अल्पाहार और पानी की बोतलें उपलब्ध कराई गईं। सभी यात्रियों की जंक्शन पर मेडिकल टीम ने स्वास्थ्य जांच की। जांच के दौरान एक दर्जन से अधिक यात्रियों में सर्दी-जुकाम और बुखार जैसे मौसमी बीमारी के लक्षण मिले।मेडिकल टीम ने तत्काल मौके पर ही उन्हें आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं और आराम की सलाह दी। रेल अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी देश नेपाल से लौटे तीर्थ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए यह व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर स्टेशन निदेशक सहित रेलवे सुरक्षा बल और अन्य विभागीय कर्मचारी भी मौजूद रहे। अल्पाहार के बाद सभी यात्री अपनी आगे की यात्रा के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष चित्रा सिंह, डीआरएम उदय सिंह मीना, अपर मंडल रेल प्रबंधक सूरज कुमार, कमांडेंट दिनेश सिंह तोमर, सीनियर डीएमई नितिन कुमार, सीएमएस डॉक्टर केशव, डीसीएम विश्वनाथ मौजूद रहे।


