DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

महाराष्ट्र में बाढ़ का कहर जारी, करीब 40 लोगों की मौत; 4 लाख लोगों को सुरक्षित जगह भेजा गया

27 dead and 2 lakh displaced as maharashtra flood fury continues

पश्चिमी महाराष्ट्र के पांच जिलों में एक हफ्ते में वर्षा जनित घटनाओं में करीब 40 लोगों की मौत हो गयी। उनमें वे 17 लोग भी हैं जो बृहस्पतिवार (8 अगस्त) को सांगली में ब्रह्मनाल गांव के समीप नौका के पलटने से डूबकर मर गये थे। महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अबतक चार लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उनके अनुसार 69 तहसील में 761 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

पश्चिमी महाराष्ट्र में बाढ़ की स्थिति में सुधार लाने के लिए कर्नाटक में कृष्णा नदी पर अलमाटी बांधी से पांच लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। अधिकारी ने बताया कि सतारा में कोयना बांध से 53,882 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है क्योंकि उसके तटबंधीय क्षेत्र में अब भी बारिश हो रही है।

महाराष्ट्र में पिछले एक हफ्ते से कोल्हापुर, सांगली, सतारा, ठाणे, पुणे, नासिक, पालघर, रत्नागिरि, रायगढ़ और सिंधुदुर्ग जिले वर्षा से बेहाल हैं। एक अधिकारी ने कहा, ''इन दस जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने 29 टीमें, राज्य आपदा मोचन बल ने तीन, तटरक्षक बल ने 16 , नौसेना ने 41, सेना ने 10 टीमें तैनात की हैं।"

केरल में बाढ़ से मरनेवालों की संख्या 72 हुई, 2.50 लाख से अधिक लोग बेघर; राहुृल ने सुनी पीड़ा

बाढ़: प्रभावित परिवारों को कुल 5000 रुपये की नकद सहायता मिलेगी
वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि राज्य में बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को पांच हजार रुपये की वित्तीय सहायता नकद में दी जाएगी जबकि बाकी उनके बैंक खातों में जमा करायी जाएगी। आंशिक भुगतान नकद में करने की मांग विभिन्न वर्गों की ओर से इस बात को ध्यान में रखते हुए की गई थी कि पश्चिमी महाराष्ट्र क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मुख्य तौर पर दूध, सब्जी और अन्य छोटी सेवाओं पर निर्भर है। यद्यपि बाढ़ के चलते विभिन्न डेयरी से दूध का संग्रहण बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।

फडणवीस ने सोमवार से शुरू होने वाली रूस की अपनी पूर्व निर्धारित यात्रा रद्द कर दी है। उन्होंने यहां रविवार को मंत्रालय में राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन इकाई में राहत एवं पुनर्वास कार्य की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा, ''सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा पहले ही कर चुकी है जिसमें से पांच हजार रुपये प्रत्येक परिवार को नकद दिये जाएंगे जबकि बाकी उनके बैंक खातों में जमा करायी जाएगी।"

कोल्हापुर और सांगली जिले गत सात दिनों से अभूतपूर्व बाढ़ का सामना कर रहे हैं। ठाणे, पुणे, नासिक, पालघर, रत्नागिरि, रायगढ़ और सिंधूगढ़ जिलों में भी भारी वर्षा हुई है। सबसे अधिक प्रभावित कोल्हापुर और सांगली जिलों से अभी तक करीब 3.78 लाख लोगों को निकाला गया है। यहां पानी शनिवार को धीरे धीरे कम होना शुरू हुआ। फडणवीस ने इसके साथ ही प्रशासन को कई उपाय करने के निर्देश दिये। इसमें सांगली जिले के कावलापुर में एक नये हवाई अड्डे का निर्माण शामिल है जिसका इस्तेमाल बाढ़ जैसे आपदा के समय किया जा सके।

उन्होंने साथ ही अधिकारियों को कोल्हापुर और सांगली जिलों में वर्तमान में पानी में डूबी सड़कों पर फ्लाईओवरों के निर्माण के संबंध में प्रस्ताव देने का भी निर्देश दिया। रविवार की स्थिति के अनुसार कोल्हापुर में 91 सड़कें और सांगली में 66 सड़कें पानी में डूबी हैं जिससे दोनों जिलों में गांवों से सम्पर्क प्रभावित हुआ है। सोलापुर में 33 सड़कें और सतारा में पांच सड़कें भी अधिक वर्षा के चलते पानी में डूब गई हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Maharashtra Flood Death Toll Reach 40 Over 4 Lakh People In Relief Camp