मध्य प्रदेश में गबन की आरोपी निलंबित सीएसपी की जांच करेगी एसआईटी
जबलपुर/कटनी, एजेंसी। मध्य प्रदेश पुलिस ने शनिवार को कटनी की सस्पेंड की गई एसपी नेहा

जबलपुर/कटनी, एजेंसी। मध्य प्रदेश पुलिस ने शनिवार को कटनी की सस्पेंड की गई सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर लगे आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाई। ये आरोप हत्या के एक आरोपी से जुड़े जमीन के सौदे से संबंधित हैं। पच्चीसिया पर डरा-धमकाकर जमीन की रजिस्ट्री करवाने और 92,00,000 रुपये न देने के आरोप हैं। 19 अगस्त को कटनी के कुठला पुलिस स्टेशन में पच्चीसिया और उनके दो साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। कटनी के एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि पच्चीसिया पर आरोप है कि उन्होंने हत्या के आरोपी रमेश लोधी की गिरफ्तारी में देरी की और 90 दिन की समयसीमा के भीतर आरोप पत्र दायर करने में भी विफल रहीं। बाद में उसे गिरफ्तार किया गया, लेकिन आरोप पत्र दाखिल न होने के चलते उसे जुलाई के पहले हफ्ते में जमानत मिल गई थी。
जांच के निष्कर्ष
जबलपुर के एएसपी अनु बेनीवाल की जांच में सामने आया था कि लोधी और उसके परिवार की जमीन मारूफ अहमद हनफी को 18 लाख रुपये में बेची गई थी जबकि सरकारी दिशा-निर्देशों के हिसाब से इसकी कीमत 82 लाख रुपये थी और बाजार में इसकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
मुख्यमंत्री का आदेश
एसपी विश्वकर्मा ने कहा, कोई व्यक्ति इतनी कम कीमत पर जमीन क्यों बेचेगा? इसका मतलब है कि वह दबाव में था और दबाव यह था कि तुम्हें जेल नहीं भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को पच्चीसिया को तुरंत सस्पेंड करने का आदेश दिया था।


