Madhya Pradesh Assembly Election Result know how Congress stopped BJP in Madhya Pradesh - Madhya Pradesh Assembly Election Result: इन कारणों से मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने रोका BJP का विजय रथ DA Image
11 दिसंबर, 2019|7:36|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

Madhya Pradesh Assembly Election Result: इन कारणों से मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने रोका BJP का विजय रथ

राहुल गांधी(पीटीआई फोटो)

कांग्रेस मध्य प्रदेश में 15 साल बाद भाजपा को सीधे तौर सत्ता पर काबिज होने से रोकने पर कामयाब रही है। ढाई दशक में मध्य प्रदेश में ऐसा पहली बार हुआ जब कांग्रेस भाजपा पर भारी पड़ी। मंगलवार देर रात तक दोनों पार्टी आंकड़ों में एक दूसरे से आगे निकलने की कोशिश में लगी हुई थीं। सुबह तक चली मतगणना में कांग्रेस ने 114  सीटों पर कब्जा जमाया। वहीं बीजेपी ने 109 सीटों पर जीत दर्ज की।

इस चुनाव में कांग्रेस के प्रचार की पूरी कमान राहुल गांधी के अलावा कलमनाथ, ज्योतिरादित्व सिंधिया के हाथों में रही। दिग्गविजय के भी अंतिम समय में पूरी ताकत झोक दी थी। कांग्रेस इस बार एंटी इंकंबेंसी को भी मुख्य मुद़दे के रूप में लिया। 

आइए जानते हैं ऐसे कौन से मुख्य कारण रहे जिसके कारण कांग्रेस भाजपा को रोकने में कामयाब रही : 

नेताओं की एकता

मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने चुनाव से पहले कमलनाथ और ज्योतिरादित्व सिंधिया को समान रूप से पेश किया। कमलनाथ के पास पार्टी के प्रदेश की कमान थी तो सिंधिया को चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाकर तालमेल बैठाने की कोशिश की गई। इसके बाद भी राहुल की अधिकांश रैली में दोनों नेता साथ साथ दिखे। दोनों ने कभी भी एक दूसरे के खिलाफ बयान नहीं दिया। टिकट वितरण के पहले  दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच मनमुटाव की खबरें जरूर आई लेकिन दोनों ने इसे एक सिरे से नाकार दिया। इसके बाद दोनों की ओर खुलकर कोई बयानबाजी नहीं हुई।  

गुटबाजी पर लगाम

कांग्रेस नेतृत्व ने प्रदेश में गुटबाजी पर लगाम लगाने की पूरी कोशिश की, जो सफल भी रही। कहीं कहीं से गुटबाजी की खबरें आती तो तुरंत शीर्ष नेतृत्व सक्रिय हो जाता। 

एंटी इंकंबेंसी पर फोकस

कांग्रेस को इस बात का आभास था कि 15 साल से सत्ता में रही भाजपा की कमियां अगर बेहतर तरीके से उठाया जाए तो सत्ता की सीढ़ियां चढ़ने में कामयाबी मिल सकती है। यहीं कारण रहा कि राहुल गांधी अपनी हर रैली में जहां प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधने के बाद शिवराज सिंह सरकार की कमियां जरूर गिना रहे थे। कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी रैलियों में शिवराज सरकार पर जमकर हमला बोलते थे। कांग्रेस ने एंटी इंकंबेंसी को ही मुख्य हथियार बनाया। 

बागियों पर नियंत्रण

टिकट वितरण के साथ ही कांग्रेस में बगावत के शुरू दिखने लगे थे। एक ओर जहां भाजपा ने 5 मंत्रियों सहित 52 विधायकों के टिकट काटे थे तो कांग्रेस ने सिर्फ पांच विधायकों के टिकट काटे। भाजपा के 63 बागी चुनावी समर में ताल ठोंकी। इसका फायदा भी कांग्रेस को मिला।  

टिकट वितरण

कांग्रेस ने इस बार 153 उच्च शिक्षितों को टिकट दिया। कांग्रेस के 230 उम्मीदवारों में से 108 के आपराधिक रिकार्ड है, कांग्रेस ने इस बार 35 युवाओं को टिकट दिया था जबकि 28 महिलाओं को भी कांग्रेस की तरफ से चुनाव लड़ाया गया। एक ओर जहां भाजपा ने 18 बद बदलुओं को टिकट दिया था तो कांग्रेस ने सिर्फ 13 ऐसे लोगों को टिकट दिया जो दूसरे दल से आए थे।

तीन राज्यों में कांग्रेस की जबरदस्त वापसी, मिजोरम में मिली शिकस्त

Assembly Election 2018 Results: मोदी-शाह के विजय रथ की रफ्तार थमी

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Madhya Pradesh Assembly Election Result know how Congress stopped BJP in Madhya Pradesh