ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सजेगी मधुबनी पेंटिंग की गैलरी
मिथिला की विश्वप्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग अब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में देश-विदेश के मेहमानों को आकर्षित करेगी। केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय द्वारा एक विशेष गैलरी लगाई जाएगी, जिसमें महिला कलाकारों का योगदान प्रमुखता से प्रदर्शित होगा। इसका उद्देश्य मधुबनी पेंटिंग की प्रामाणिकता को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।
रहिका, निज संवाददाता। मिथिला की विश्वप्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग अब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में देश-विदेश के मेहमानों को अपनी ओर आकर्षित करेगी। केन्द्र सरकार की ओर से 12 और 13 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मधुबनी पेंटिंग की विशेष गैलरी लगाई जाएगी। इसके लिए केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय ने मिथिला चित्रकला संस्थान, सौराठ के निदेशक को पत्र भेजकर आवश्यक सहयोग और भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है। मिथिला चित्रकला संस्थान, सौराठ के निदेशक चन्द्र शेखर प्रसाद सिंह ने बताया कि केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में संस्थान को नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम, नई दिल्ली में 8 से 15 सितंबर तक आयोजित होने वाली मधुबनी पेंटिंग गैलरी में भाग लेने का निर्देश दिया गया है। गैलरी में मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, पारंपरिक चित्रांकन शैली और शिल्प की विशिष्टता को प्रदर्शित किया जाएगा。
महिला कलाकारों की कला को मिलेगी प्रमुखता
गैलरी में खास तौर पर महिला शिल्पकारों और कलाकारों के योगदान को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। मंत्रालय ने प्रदर्शन के लिए ऐसी उच्च गुणवत्ता वाली और प्रतिनिधित्व करने वाली मधुबनी पेंटिंग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, जो इस कला की वास्तविक पहचान और पारंपरिक स्वरूप को सामने रख सके। चित्रों के चयन में प्राकृतिक रंगों, पारंपरिक मोटिफ, स्वदेशी सामग्री तथा पारंपरिक शैलियों और तकनीकों से तैयार कृतियों को प्राथमिकता देने को कहा गया है। इसका उद्देश्य मधुबनी पेंटिंग की प्रामाणिकता और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।


