मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय को बीसीआई की मान्यता
बलरामपुर के मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय को विधि पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता मिली है। यह क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा प्रदान करेगा, जिससे उन्हें अन्य शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। कुलपति ने इसे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

बलरामपुर, संवाददाता। जनपद के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर को विधि (लॉ) पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से मान्यता प्राप्त हो गई है। इस स्वीकृति के साथ अब विश्वविद्यालय में विधि शिक्षा का नया अध्याय शुरू होगा और बलरामपुर सहित पूरे देवीपाटन मंडल एवं आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की विधि शिक्षा स्थायी समिति ने विश्वविद्यालय का निरीक्षण, उपलब्ध अभिलेखों व शैक्षणिक मानकों का परीक्षण करने के बाद यह मान्यता प्रदान की है।
यह स्वीकृति अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 7(1)(i) तथा विधि शिक्षा नियम, 2008 के प्रावधानों के अंतर्गत दी गई है, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता व आधारभूत व्यवस्थाओं पर बीसीआई की मुहर है। बीसीआई ने विश्वविद्यालय को निर्धारित सभी मानकों एवं शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही छह माह के भीतर आवश्यक शपथपत्र एवं अन्य अभिलेख परिषद को उपलब्ध कराने को कहा गया है। निर्धारित समयावधि में सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद विश्वविद्यालय में विधि पाठ्यक्रमों का नियमित संचालन शुरू होगा। कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए देवीपाटन मंडल के समस्त नागरिकों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मिली मान्यता विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विधि शिक्षा अपने ही जिले में उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे दक्ष, संवेदनशील और समाज के प्रति उत्तरदायी विधि विशेषज्ञ तैयार करना है, जो न्याय व्यवस्था को और अधिक सशक्त बना सकें। यह उपलब्धि क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विश्वविद्यालय आधुनिक संसाधनों, अनुभवी शिक्षकों और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को उत्कृष्ट विधि शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बीसीआई की मान्यता मिलने से न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी, बल्कि बलरामपुर शिक्षा के क्षेत्र में भी नई पहचान स्थापित करेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए करियर के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र में विधि शिक्षा को नई दिशा एवं गति मिलेगी।


