लविवि से संबद्ध कॉलेजों में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के लिए सीजीपीए की बाध्यता खत्म
लखनऊ विश्वविद्यालय ने सत्र 2027-28 से सभी संबद्ध महाविद्यालयों में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की। कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने छात्र संवाद के दौरान बताया कि चौथे वर्ष के ऑनर्स पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए सीजीपीए की कोई आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही, एआई और साइबर फॉरेंसिक जैसे विषयों की पाठ्य सामग्री मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।

लखनऊ,प्रमुख संवाददाता। लखनऊ विश्वविद्यालय के सभी संबद्ध महाविद्यालयों में सत्र 2027-28 से चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम सभी छात्रों के लिए उपलब्ध होगा। चतुर्थ वर्ष के ऑनर्स पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अब सीजीपीए की कोई शर्त नहीं रहेगी। इसके साथ ही एआई और साइबर फॉरेंसिक जैसे आधुनिक विषयों की पाठ्य सामग्री विश्वविद्यालय पोर्टल पर सभी छात्रों को निःशुल्क मिलेगी। यह घोषणा कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय, पतरासी में आयोजित छात्र संवाद के दौरान की। कुलपति ने छात्रों को भविष्य की तैयारी के तरीके बताए और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। बैठक में बी.एड.में फाइन आर्ट्स विषय जोड़ने और शिक्षक चयन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने पर चर्चा हुई।
समर्थ पोर्टल पर आवेदन के साथ ही एडमिशन ग्रांट और, संभव हो तो, परीक्षा फॉर्म की प्रक्रिया भी पूरी कराने पर विचार हुआ, ताकि समय और मेहनत बचे। तृतीय सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म की समस्या को तुरंत दूर करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा संस्थान स्तर पर डिग्री समारोह, हर महाविद्यालय के लॉगिन पर टेबुलेशन चार्ट और समस्याओं के समाधान के लिए परीक्षा नियंत्रक की ओर से अलग ईमेल जारी करने पर भी बात हुई।छात्र संवाद के बाद कुलपति ने जिले के महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक की। प्राचार्यों ने परीक्षा और प्रवेश से जुड़ी समस्याएँ रखीं, जिनके जल्द समाधान के निर्देश दिए गए। विश्वविद्यालय का मानना है कि इन फैसलों से सभी को ऑनर्स पढ़ाई का समान अवसर मिलेगा, ग्रामीण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और वे रोजगार के लिए बेहतर तैयार होंगे। इस मौके पर परीक्षा नियंत्रक, प्रवेश चेयरमैन प्रो. पंकज माथुर, महाविद्यालय समन्वयक प्रो. आनंद विश्वकर्मा, प्रवेश समन्वयक प्रो. अनित्य गौरव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। रामबक्स सिंह स्मारक महाविद्यालय, मनोहर लाल गीता देवी महाविद्यालय, हरि चंद्रा महाविद्यालय (गोला), गुरु द्रोणाचार्य महाविद्यालय, तक्षशिला महाविद्यालय सहित कई कॉलेजों के प्रबंधक और प्राचार्य भी उपस्थित रहे।


