तीन साल में 121 पुरुषों ने कराई नसबंदी, महिलाओं पर अधिक जिम्मेदारी
फतेहपुर में परिवार नियोजन कार्यक्रम में पुरुषों की भागीदारी बेहद कम है। पिछले तीन वर्षों में 9550 महिलाओं ने नसबंदी कराई, जबकि केवल 121 पुरुषों ने। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि भ्रांतियों के कारण पुरुष नसबंदी की संख्या कम है। जागरूकता अभियान के माध्यम से पुरुषों को परिवार नियोजन में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

फतेहपुर। दोआबा में परिवार नियोजन कार्यक्रम में पुरुषों की भागीदारी बेहद कम बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के पिछले तीन वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि जहां 9550 महिलाओं ने नसबंदी कराकर परिवार नियोजन की जिम्मेदारी निभाई, वहीं सिर्फ 121 पुरुषों ने नसबंदी कराई। इससे स्पष्ट है कि जनपद में स्थायी परिवार नियोजन की जिम्मेदारी लगभग पूरी तरह महिलाओं पर ही टिकी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2023-24 में 3450 महिलाओं और 32 पुरुषों ने नसबंदी कराई। वर्ष 2024-25 में 3120 महिलाओं के मुकाबले सिर्फ 41 पुरुष आगे आए। वहीं वर्ष 2025-26 में अब तक 2980 महिलाओं और सिर्फ 48 पुरुषों ने स्थायी परिवार नियोजन का साधन अपनाया है। तीन वर्षों के कुल आंकड़ों में महिलाओं की संख्या 9550 और पुरुषों की संख्या केवल 121 रही। मतलब साफ है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों की भागीदारी करीब 78 गुना कम रही। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पुरुष नसबंदी को लेकर फैली भ्रांतियां इसकी बड़ी वजह हैं। जबकि नसबंदी एक सुरक्षित और सरल प्रक्रिया है। विभाग जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल थीम पर जागरूकता अभियान चला रहा है। आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से पुरुषों को परिवार नियोजन में बराबर भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है。
आंकड़े...
वित्तीय वर्ष महिलाएं पुरुष
2023-24 3450 32
2024-25 3120 41
2025-26 2980 48
कोट-
परिवार नियोजन सिर्फ महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें पुरुषों की भी समान भागीदारी जरूरी है। पुरुष नसबंदी एक सुरक्षित, सरल और प्रभावी प्रक्रिया है, जिससे कामकाज या स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता। स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता अभियान चलाकर पुरुषों को आगे आने के लिए प्रेरित कर रहा है।
डा. इश्तियाक अहमद, एसीएमओ


