परिषद विद्यालयों में नहीं बढ रहा नामांकन, फिर होगी शिक्षकों पर कार्रवाई
बागपत में परिषदीय विद्यालयों में नामांकन की रफ्तार धीमी है, जिससे शासन नाराज है। शिक्षकों का वेतन रोकने के बाद थोड़ी आशा दिखी, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो रहा। बीएसए ने शिक्षकों को चेताया है कि अगर नामांकन में सुधार नहीं होता, तो कार्रवाई की जाएगी।

बागपत। परिषदीय विद्यालयों में नामांकन की रफ्तार नहीं बढ़ी है, जिससे शासन स्तर से नाराजगी जाहिर की जा रही है। 1800 शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया तो शिक्षकों ने थोड़ा नामांकन बढ़ाया, लेकिन फिर से गति पर ब्रेक लग गया है। बीएसए सभी शिक्षकों को चेताया है कि नामांकन में शासन की मंशा के अनुसार नामांकन नहीं बढ़ा तो कार्रवाई होगी। परिषदीय विद्यालयों में लगातार गिरते जा रहे नामांकन को लेकर शासन और प्रशासन गंभीर है। नामांकन बढ़ाने में शिक्षक जरा भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है। गांवों में खानापूर्ति करते हुए जागरूकता अभियान चलाए जाते है, जिससे अभिभावकों तक विद्यालय और शिक्षा विभाग की योजनाएं नहीं पहुंच पाती है।
अभिभावक स्वयं ही विद्यालय पहुंच जाते है तो उन्हें बच्चों का नामांकन कर दिया जाता है, लेकिन शिक्षकों की ओर से कोई प्रयास नहीं किए जाते है।शासन स्तर से कम नामांकन पर नाराजगी जताई गई तो बीएसए गीता चौधरी ने 418 परिषदीय विद्यालयों के 1800 शिक्षकों का जुलाई का वेतन रोकने की कार्रवाई की थी। शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल ने बीएसए से मिलकर नामांकन में वृद्धि का आश्वासन दिया था, जिसके बाद वेतन जारी कराया गया था। अब फिर से समीक्षा की गई तो नामांकन में वृद्धि निम्न स्तर पर हुई। बीएसए ने शिक्षकों को चेताया है कि विद्यालय स्तर पर गांव में पहुंचकर अभिभावक समिति के साथ मिलकर विद्यालयों में नामांकन बढ़ाएंगे। किसी विद्यालय का नामांकन कम पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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