DA Image
20 जनवरी, 2020|5:55|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

लोकसभा चुनाव में हिन्दी क्षेत्र के घाटे की भरपाई के लिए बीजेपी का टारगेट 50

बीते लोकसभा चुनाव (Lok Sabha election) में बीजेपी (BJP) की पहुंच से दूर रह गए दक्षिण व पूर्वोत्तर के लिए पार्टी ने इस बार नए लक्ष्य तय किए हैं। इन दोनों क्षेत्रों से पार्टी ने पचास से ज्यादा सीटें हासिल करने का खाका तैयार किया है। गौरतलब है कि 2014 में देश के अन्य हिस्सों में भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन कर अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया था, लेकिन इस बार उसे इन क्षेत्रों में कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें कुछ सीटें घटने की आशंका है। ऐसे में नए क्षेत्रों से बीजेपी भरपाई करेगी। 

SP-BSP गठबंधन के बाद लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने बनाई ये 'रणनीति'

बीते चार साल के दक्षिण व पूर्वोत्तर के राज्य भाजपा के विशेष जोर वाले क्षेत्र रहे हैं। इन क्षेत्रों में संगठन के विस्तार के साथ पार्टी ने बूथ स्तर तक काफी काम किया है। इसलिए उसकी उम्मीदें भी यहां से ज्यादा है। दक्षिण के पांच राज्यों व दो केंद्र शासित प्रदेशों में 131 लोकसभा सीटें है, जिनमें बीजेपी ने महज 21 सीटें ही जीती थी। हाल में तेलंगाना के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को भले ही एक ही सीट मिली हो, लेकिन लोकसभा में उसका दावा बड़ा है। सूत्रों के अनुसार पार्टी कम से कम पांच सीटें जीतने की दावा कर रही है। पिछली बार उसे 17 में से एक ही सीट मिली थी। आंध्र में भी उसे बेहतरी की उम्मीद है। वहां पर 25 सीटों में से उसके पास दो सीटें ही हैं, लेकिन इस बार वह कम से कम आधा दर्जन सीटों लक्ष्य लेकर चल रही है। 

 

'प्रधानमंत्री बनने की लिस्ट में पहला नाम ममता बनर्जी का'

कर्नाटक में फिर से बढ़त की तैयारी

बीजेपी का दक्षिण का सबसे बड़ा गढ़ कर्नाटक है, जहां की 28 सीटों में उसने 17 जीती थी। इस बार उसे इस संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। तमिलनाडु के चुनाव इस बार सबसे अलग होंगे। दशकों बाद इस राज्य के दो प्रमुख दल द्रमुक व अन्नाद्रमुक अपने चमत्कारी दिग्गज नेताओं करुणानिधि व जयललिता के बगैर मैदान में होंगे। भाजपा इसमें अपनी लिए जगह बनाने की कोशिश कर रही है। राज्य की 39 सीटों में बीजेपी के पास अभी केवल एक सीट है। लक्षद्वीप व पांडिचेरी में एक-एक सीट है, लेकिन वहां पर भाजपा अभी भी कमजोर है। केरल में वह इस बार खाता खोलने की उम्मीद कर रही है। 

भाजपा का मिशन 2019: दिल्ली में सीतारमण, यूपी में नड्डा संभालेंगे कमान

पूर्वोत्तर में बढ़ेगी सीटें
पूर्वोत्तर को कांग्रेस मुक्त (सभी आठ राज्यों में एनडीए की सरकारें) करने के बाद बीजेपी अब इस क्षेत्र की 25 सीटों में से एनडीए के हिस्से में 22 सीटों का लक्ष्य लेकर चल रही है। बीजेपी का सबसे बड़ा गढ़ असम है और उसके बाद उसकी उम्मीदें त्रिपुरा, मणिपुर व अरुणाचल प्रदेश से है। असम की 14 सीटों में से बीजेपी के पास अभी आठ सीटें हैं। अन्य राज्यों में अरुणाचल में दो में एक सीट ही उसके पास है। सूत्रों के अनुसार बीजेपी ने असम में दस, अरुणाचल, मणिपुर व त्रिपरा की सभी सीटें (सभी में दो-दो सीटें हैं) व मेघालय की एक सीट जीतने का लक्ष्य रखा है। बाकी सीटों पर उसके सहयोगी दलों के जीतने की संभावना है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Loss in Hindi region belt Know BJP target 50 for Lok Sabha elections