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'एक सीट का लालच, दोस्त के खिलाफ लड़ रहे चुनाव', INDIA गठबंधन के सहयोगी पर बरसे उमर अब्दुल्ला

उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी के दक्षिण कश्मीर की सीट से चुनाव लड़ने का जिक्र करते हुए यह बात कही। मालूम हो कि एनसी ने इस सीट से अपने सीनियर गुर्जर नेता मियां अल्ताफ को मैदान में उतारा है।

'एक सीट का लालच, दोस्त के खिलाफ लड़ रहे चुनाव', INDIA गठबंधन के सहयोगी पर बरसे उमर अब्दुल्ला
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 21 Apr 2024 10:15 AM
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नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनकी पार्टी अनंतनाग-राजौरी संसदीय क्षेत्र में ऐसे मित्र के खिलाफ चुनाव लड़ रही है जो एक लोकसभा सीट के लिए लालची बन गया है।' अब्दुल्ला ने पीडीपी के दक्षिण कश्मीर की सीट से चुनाव लड़ने का जिक्र करते हुए यह बात कही। मालूम हो कि एनसी ने इस सीट से अपने सीनियर गुर्जर नेता मियां अल्ताफ को मैदान में उतारा है। उन्होंने कहा, ‘दक्षिण कश्मीर सीट पर लड़ाई भाजपा से नहीं है। दुर्भाग्य से, वहां नेशनल कॉन्फ्रेंस का मुकाबला हमारे एक मित्र से है जो कुछ दिन पहले तक हमारे साथ था। दुर्भाग्य से, उन्होंने एक सीट के लालच में हमें छोड़ दिया। कम से कम दक्षिण कश्मीर में हमारा मुकाबला भाजपा या उसकी ‘बी’ या ‘सी’ टीम से नहीं है।’

उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। मालूम हो कि एनसी और पीडीपी विपक्षी INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं। वे पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (PAGD) का भी हिस्सा था जिसका गठन अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद किया गया था। एनसी की ओर से पीडीपी के लिए एक भी सीट छोड़े बिना कश्मीर घाटी में सभी 3 निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारने की घोषणा किए जाने के बाद यह गठबंधन टूट गया। पीडीपी ने भी बाद में तीनों सीट पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा की।

भाजपा घाटी में संसदीय चुनाव सीधे नहीं लड़ रही: उमर अब्दुल्ला
एनसी उपाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा घाटी में संसदीय चुनाव सीधे तौर पर नहीं लड़ रही है, बल्कि वह अपनी पार्टी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस जैसे दलों का समर्थन कर रही है। उन्होंने कहा, ‘भाजपा चुनाव लड़ रही है, लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि उनके पास अपनी पार्टी का चुनाव चिह्न नहीं है। वे ‘क्रिकेट के बल्ले’ (अपनी पार्टी का चुनाव चिह्न) और ‘सेब’ (पीसी का चुनाव चिह्न) पर चुनाव लड़ रहे हैं। हम अच्छी तरह से जानते हैं कि भाजपा यहां किसका समर्थन करती है, लेकिन उनके जीतने की कोई संभावना नहीं है। मुझे उम्मीद है कि भगवान ने चाहा तो नेशनल कॉन्फ्रेंस सभी तीन सीट जीतेगी।’

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने राजग के 400 का आंकड़ा पार करने के भाजपा के दावे से जुड़े सवाल का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नतीजों के बाद सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि लद्दाख सीट उनके हाथ से फिसल रही है। उन्होंने कहा, ‘कल हुए मतदान के बाद ऐसा लगता है कि वे उधमपुर सीट नहीं बचा पाएंगे। देखते हैं कि जम्मू सीट पर भी क्या होगा।’

भाजपा की की उधमपुर सीट खतरे में, बोले अब्दुल्ला 
भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना ने उनकी पार्टी को जम्मू में दोनों सीट पर जीत मिलने का दावा किया है। इस बारे में सवाल किए जाने पर अब्दुल्ला ने कहा, ‘मैं रैना को याद दिला दूं कि जम्मू सीट पर अभी तक चुनाव नहीं हुए हैं और हमें यह भी नहीं पता कि वह कितना मतदान होगा। पहले मतदान होने दें, फिर भाजपा को अपनी जीत का दावा करना चाहिए। फिलहाल हमें लगता है कि उनकी उधमपुर सीट खतरे में है।’ एनसी उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कश्मीर में कई दावे किए थे, लेकिन वह घाटी में चुनावी मैदान से भाग गई। अब्दुल्ला ने सवाल किया, 'उन्होंने मैदान क्यों छोड़ा? उनकी क्या मजबूरी थी? रैना दक्षिण कश्मीर सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उन्होंने चुनाव क्यों नहीं लड़ा?' 
(एजेंसी इनपुट के साथ)

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