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BJP की कोर ग्रुप की बैठक में छाया रहा प्रियंका का मुद्दा, लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी ने तय की ये रणनीति

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फोटो : एचटी)

बीजेपी (BJP) के कोर ग्रुप की बैठक में प्रियंका (Priyanka Gandhi) के सक्रिय राजनीति में आने से पार्टी हितों पर पड़ने वाले प्रभाव का मुद्दा छाया रहा। साथ ही पिछली बार हुई फीडबैक की बैठकों में सांसदों, विधायकों व क्षेत्रीय पदाधिकारियों द्वारा उनके क्षेत्रों में सपा-बसपा गठबन्धन और प्रदेश में कांग्रेस के उभार को लेकर जो फीड बैक दिया गया था। उस पर भी कोर ग्रुप ने गम्भीर चर्चा की। 

सूत्र बताते हैं कि बैठक में यह तय किया गया कि पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रम एवं अभियानों को बूथ स्तर पर मजबूती और तेजी के साथ ले जाया जाएगा। चाहे सपा-बसपा गठबंधन हो या फिर कांग्रेस, सभी का मुकाबला बूथ स्तर पर किया जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि अब मौका आ गया है पूरी तरह से चुनाव समर में उतरने का।

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पार्टी मुख्यालय पर हुई कोर ग्रुप की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डॉ. दिनेश शर्मा समेत प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय व प्रदेश के मुख्य चुनाव प्रभारी जेपी नड्डा, सहप्रभारी नरोत्तम मिश्रा, गोवर्धन झड़पिया, सुनील ओझा और दुष्यंत गौतम समेत प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल आदि भी मौजूद रहे। 

चाहे मुख्यमंत्री हो या फिर कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री सरकारी कामकाज तो चलता रहेगा लेकिन आने वाले तीन से चार महीने पार्टी ही नहीं प्रदेश सरकार के लिए भी चुनौती भरे होंगे। बैठक में इस बात की भी सम्भावना व्यक्त की गई कि मार्च के पहले सप्ताह में चुनाव आयोग अधिसूचना जारी कर सकता है, लिहाजा ऐसी स्थिति में चुनाव के दौरान चलने वाले कार्यक्रमों एवं अभियानों को अभी से समय रहते तैयार कर लिया जाए। 

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सारे कार्यक्रमों में सरकार व संगठन पूरी एक टीम के रूप में जुट जाएं। पिछले दिनों क्षेत्रीय स्तर पर हुई फीडबैक बैठकों में सांसदों, विधायकों ने जो पार्टी व कार्यकर्ताओं को लेकर चिन्ता व्यक्त की थी, उसके बारे में तय किया गया कि ऐसे विवादास्पद मुद्दों को चुनाव बाद हल कर लिया जाएगा। निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष समेत मनोनयन वाले अन्य सरकारी पदों पर लोकसभा चुनाव बाद ही नियुक्तियां करने पर सहमति बनी।

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  • Web Title:loksabha elections 2019 priyanka gandhi issue raised in bjp meeting