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Loksabha Election Results: सत्ता में लौटा NDA, आगे क्या होगा?

prime minister narendra modi greet supporters on arrival at the party headquarters in new delhi  ind

देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'प्रचंड लहर पर सवार भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में 300 से ज्यादा सीटें हासिल करने के बाद शुक्रवार को सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी वहीं कांग्रेस में जबरदस्त पराजय के बाद पार्टी के बड़े नेताओं के इस्तीफे आने शुरू हो गये हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल की शुक्रवार शाम को बैठक होगी जिसमें 16वीं लोकसभा को भंग करने की सिफारिश की जाएगी। यह बैठक लोकसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा होने के एक दिन बाद हो रही है। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल की सिफारिश के एक प्रस्ताव के रूप में पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संसदीय कार्य मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने की संभावना है। वे प्रस्ताव तथा मंत्रिपरिषद का इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंपेंगे।

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पूर्व लोकसभा महासचिव और संविधान विशेषज्ञ पी डी टी आचार्य ने बताया कि उसके बाद प्रधानमंत्री को नयी सरकार के गठन तक पद पर बने रहने को कहा जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह की तारीख तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति वर्तमान लोकसभा को भंग कर देंगे। लोकसभा का कार्यकाल तीन जून को समाप्त हो रहा है। ''यदि इसे भंग नहीं किया जाता तो यह तीन जून को स्वभाविक रूप से भंग हो जाएगी ... यह सिर्फ औपचारिकता है।

17 वीं लोकसभा का गठन तीन जून से पहले किया जाना है और नए सदन के गठन की प्रक्रिया तब शुरू होगी जब तीन चुनाव आयुक्त अगले कुछ दिनों में राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें नवनिर्वाचित सदस्यों की सूची सौंपेंगे। पार्टी सूत्रों ने कहा कि मोदी को अपना नेता चुनने के लिए भाजपा के सभी नवनिर्वाचित सांसदों की शनिवार को बैठक हो सकती है। इसके बाद वह राष्ट्रपति से मिलकर नयी सरकार बनाने का दावा करेंगे।

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भाजपा को 303 सीटों पर जीत मिल गयी है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 282 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। इस साल के आम चुनाव में उसे 303 सीटें मिलने की संभावना है। वहीं, कांग्रेस को इस बार 52 सीटें मिली हैं जो पिछले चुनाव में मिली 44 सीटों से ज्यादा हैं। हालांकि इन सीटों के साथ एक बार फिर कांग्रेस को संसद में विपक्षी दल का दर्जा प्राप्त नहीं हो सकेगा। इसके लिए पार्टी के पास कम से कम 54 सीटें होना अनिवार्य है। क्षेत्रीय दलों में सबसे ज्यादा 23 सीटें द्रमुक के हिस्से में आयी हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस को 22-22 सीटें मिली हैं। भाजपा के सहयोगी दलों शिवसेना को 18, जद(यू) को 16 और लोजपा को छह सीटें मिली हैं।

हालांकि महागठबंधन के बावजूद उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय दलों का प्रदर्शन बहुत खराब रहा है। बसपा को महज 10 सीटें मिली हैं जबकि सपा के हिस्से में पांच सीटें आयी हैं। यहां भाजपा को 62 और उसकी सहयोगी पार्टी अपना दल (सोनेलाल) को दो सीटें मिली हैं। वाम दलों का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है और उन्हें (भाकपा और माकपा) महज पांच सीटें मिली हैं। पिछली बार इन्हें 10 सीटें मिली थीं।

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  • Web Title:Loksabha Election: NDA returned in power Know what will happen next