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बैक बेंचर्स सासंदों को आगे लाने में जुटे हैं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, बना दिया यह खास रिकॉर्ड

पंकज कुमार पांडेय,नई दिल्लीPublished By: Shankar
Thu, 04 Jul 2019 08:39 PM
बैक बेंचर्स सासंदों को आगे लाने में जुटे हैं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, बना दिया यह खास रिकॉर्ड

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला (ओम बिरला) लोकसभा में बैक बेंचर्स सांसदों को आगे लाने की कोशिशों में जुटे हैं। उन्होंने अब तक करीब 40 महिला सांसद और करीब 132 नए सदस्यों को विभिन्न विषयों पर बोलने का मौका देकर नया रिकार्ड बनाया है। सदन की प्रक्रिया में सुधारों को लागू करने में जुटे ओम बिड़ला नए सांसदों से खुद संवाद कर उन्हें बोलने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। नए सांसदों को ज्यादा से ज्यादा मौका मिले इसके लिए नियमों में कई बार छूट दी जा रही है। 

मौका देने में लचीला रुख, अनुशासन के मामले में सख्त
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला सांसदों को मौका देने के मामले में लचीला रुख अपना रहे हैं। उन्होंने सभी दलों के सांसदों से कहा है कि वे सदन के समय का ज्यादा से ज्यादा उपयोग अपने क्षेत्र की समस्याओं को जोर शोर से उठाने और सार्थक चर्चा में हिस्सा लेने में करें। 

नई लकीर खींचने की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक सदन की प्रक्रिया में परंपरा और नियमों के बीच तालमेल बैठाकर आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे लोकसभा अध्यक्ष नई लकीर खींचने में भी जुटे हैं। उन्होंने सदन में हिंदी के प्रयोग को लेकर व्यवस्थाएं दी हैं। मतविभाजन के लिए अंग्रेजी में आइस और नोस की व्यवस्था को बदलकर उन्होंने हां और ना का प्रयोग शुरु किया है। आसन के पीछे आकर निजी तौर पर मार्शल से बात करने की प्रवृत्ति उन्होंने व्यवस्था देकर रोक दी है।

धन्यवाद देने की जरूरत नहीं
सांसदों द्वारा बोलने का मौका मिलने पर धन्यवाद देने से भी लोकसभा अध्यक्ष ने रोका है। उन्होंने सांसदों से कहा है कि सदन की व्यवस्था के तहत उन्हें बोलने का मौका मिला है। इसलिए आसन को धन्यवाद देने की जरुरत नहीं है। सांसदों के जन्मदिन पर लोकसभा अध्यक्ष ने लोकसभा टीवी के माध्यम से शुभकामनाएं देने की पहल शुरु की है। लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में ज्यादा से ज्यादा सवालों के लिए मौका देने के अलावा शून्यकाल में विषय उठाने के लिए समय को भोजनावकाश के दौरान बढ़ा दिया है। एक दिन में आठ से दस सवाल लिए जा रहे हैं।

एक दिन में बोले 84 सांसद
ज्यादा से ज्यादा सांसदों को मौका देने की वजह से एक दिन में शून्यकाल के दौरान करीब 84 सांसदों को बोलने का मौका मिला इनमें से 49 नए सांसद थे। सूत्रों ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने नए सांसदों से स्पष्ट कहा है कि उन्हें किसी भी विषय पर बोलने के लिए हिचकिचाहट नहीं होना चाहिए। नए सांसदों के लिए आन लाइन रिफरेंस शुरु किया गया है आन लाइन प्रशिक्षण की अन्य व्यवस्थाओं पर काम हो रहा है।

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