Lok Sabha passes bill allowing detention of school children in classes 5 and 8 - संसद समाचार: राज्यों को पांचवीं-आठवीं में फेल करने का अधिकार मिलेगा DA Image
13 दिसंबर, 2019|9:10|IST

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संसद समाचार: राज्यों को पांचवीं-आठवीं में फेल करने का अधिकार मिलेगा

HRD Minister Prakash Javadekar speaks in the Lok Sabha on the first day of the Monsoon session of Pa

पांचवीं और आठवीं में खराब प्रदर्शन करने वाले बच्चों को फेल करने का अधिकार राज्यों को देने के लिए प्रस्तावित ‘नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (दूसरा संशोधन) विधेयक- 2017’ लोकसभा से पारित हो गया है। बुधवार को लोकसभा ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। 

विधेयक पर चर्चा के दौरान मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि शिक्षा के अधिकार कानून में पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को फेल नहीं करने का नियम था। इससे परीक्षा का महत्व कम हो गया था और शिक्षा के स्तर में गिरावट आ रही थी। ऐसे में इस नई पहल से परीक्षा के साथ जवाबदेही आएगी और बच्चों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा।

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जावड़ेकर ने कहा कि नए संशोधन विधेयक में कक्षा में अनुत्तीर्ण होने की स्थिति में बच्चों को कक्षा में रोकने या नहीं रोकने का अधिकार राज्यों को दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब पांचवी और आठवीं कक्षा के स्तर पर परीक्षा लेने की बात कही गई है। हालांकि जिन राज्यों को ऐसा करना है वे करेंगे और जिनको बदलाव नहीं करना है, वे नहीं करेंगे।

क्यों लाना पड़ा संशोधन
आठवीं तक फेल न करने की नीति से आठवीं तक बच्चे और शिक्षक पढ़ाई पर अधिक ध्यान नहीं दे रहे थे। इसके चलते ज्यादातर राज्यों में दसवीं के नतीजे खराब हो रहे थे। पिछले साल हुई केंद्रीय शिक्षा परामर्श बोर्ड (केब) की बैठक में तीन राज्यों- तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना के अलावा सभी राज्यों ने इस नीति में बदलाव करने की मांग केंद्र से की थी। वहीं, असर और नेशनल अचीवमेंट सर्वेक्षण में भी यह सामने आया था कि आठवीं तक के ज्यादातर बच्चों के पास अपेक्षित ज्ञान ही नहीं है। इसके बाद ही सरकार ने इस बदलाव को लेकर प्रयास शुरू किए थे। 

इस संशोधन के बाद 
राज्य अपने यहां बच्चों को पांचवीं और आठवीं में फेल कर सकेंगे। हालांकि उन्हें फेल हुए बच्चों के लिए मई महीने में दोबारा परीक्षा आयोजित करनी होगी। अगर बच्चे इस परीक्षा में भी उत्तीर्ण होने लायक नंबर लाने में असफल होते हैं तो उन्हें फेल कर दिया जाएगा। हालांकि, फेल हुए बच्चे को किसी भी सूरत में स्कूल से निकाला नहीं जाएगा।  

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  • Web Title:Lok Sabha passes bill allowing detention of school children in classes 5 and 8