Lok Sabha passes Aadhaar Amendment Bill - आधार पूरी तरह सुरक्षित, बैंक में खाता खोलने के लिए जरूरी नहीं DA Image
19 फरवरी, 2020|1:04|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आधार पूरी तरह सुरक्षित, बैंक में खाता खोलने के लिए जरूरी नहीं

बैंक में खाता खोलने और मोबाइल फोन की सिम लेने के लिए ‘आधार' जरूरी नहीं होगा। यानी इन सेवाओं के लिए आधार का इस्तेमाल अब स्वैच्छिक होगा। इससे संबंधित संशोधन विधेयक गुरुवार को लोकसभा में पारित हो गया। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आधार पूरी तरह सुरक्षित है और इसकी उपयोगिता को देश की जनता ने भी स्वीकार किया है। .

इससे पहले रविशंकर प्रसाद ने आधार व अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक-2019 पेश करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक विधेयक में संशोधन किया जा रहा है। आधार पूर्व यूपीए सरकार के समय शुरू हुआ था, लेकिन एनडीए सरकार आने पर इसे कानून की शक्ल दी गई।

सेवा से वंचित नहीं रख सकते : प्रसाद ने कहा कि देश में 123.8 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड हैं। 69 करोड़ मोबाइल फोन कनेक्शन आधार से जुड़े हैं। विधेयक में सुनिश्चित किया गया है कि आधार नहीं होने पर सेवा से वंचित नहीं किया जा सकता है। आधार संबंधी सूचना जाहिर करने के लिए संबंधित व्यक्ति से अनुमति लेनी होगी। 

1.41 लाख करोड़ बचाए : रविशंकर ने कहा कि आधार के जरिए विभिन्न सरकारी योजनाओं में 1.41 लाख करोड़ रुपये बचाए गए हैं। 4.23 करोड़ फर्जी एलपीजी कनेक्शन और 2.98 करोड़ फर्जी राशन कार्ड हटाए गए।

डाटा संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध : प्रसाद ने कहा कि डाटा संरक्षण कानून बनाने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। दो वर्षों से इस पर व्यापक चर्चा चल रही है। सरकार डाटा संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है और इस पर विधेयक लाने का विचार किया जा रहा है।

आधार का प्रमाणन सहमति के बिना नहीं
विधेयक में प्रावधान है कि आधार संख्या के ऑफलाइन सत्यापन का प्रमाणन केवल धारक की सहमति से ही किया जा सकता है। प्रमाणन से इनकार पर सेवाओं से वंचित करने की शिकायतों का निवारण तत्काल किया जाएगा। इसके अलावा आधार बनवाने वाले बच्चों का 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर उनके पास अपनी आधार संख्या रद्द करने का विकल्प भी होगा। 

आधार डाटा का दुरुपयोग करने पर जेल होगी
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आधार के इस्तेमाल को अत्यंत सुरक्षित बनया गया है। इसके डाटा का दुरुपयोग करने पर दोषी व्यक्ति को जेल और एक करोड़ जुर्माने का प्रावधान है। जबकि, आधार के डाटा को सार्वजनिक करने पर जेल और दस हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। इस डाटा को उस सूरत में साझा किया जा सकता है जब कोई सुरक्षा से जुड़ा मामला हो या फिर कोर्ट का आदेश हो।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Lok Sabha passes Aadhaar Amendment Bill