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LokSabha Elections: NDA में आधा दर्जन सीटों पर फंस रहा पेच

NDA की 3 मार्च को पटना में रैली, पीएम मोदी-नीतीश कुमार साझा करेंगे मंच (एचटी फोटो)

घटक दलों के बीच संख्या पहले से तय कर चुके एनडीए (NDA) में सीटों का चयन अंतिम दौर में है। बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 30 पर तस्वीर साफ है। दो-चार सीटों में उम्मीदवारों के एडजस्टमेंट की तैयारी है। बमुश्किल आधा दर्जन सीटें ऐसी हैं, जिन पर अब तक यह तय नहीं हो सका है कि वह किसके हिस्से में जाएंगी। महागठबंधन को मात देने के लिए एनडीए के किस दल व उम्मीदवार को इन सीटों पर उतारा जाए, फिलहाल इस पर मंथन जारी है। 

एनडीए नेताओं के अनुसार, किस सीट पर कौन दल के उम्मीदवार होंगे, इसका औपचारिक एलान संसद सत्र के बाद कभी भी हो सकता है। संभावना है कि तीन मार्च को यहां गांधी मैदान में एनडीए की रैली में सभी 40 उम्मीदवारों को मंच से लॉन्च किया जाए। सीटों के वितरण में जदयू-भाजपा को 17-17 तो लोजपा को 06 सीटें मिलनी हैं। 

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एनडीए के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार सीटों की औपचारिक घोषणा भले ही नहीं हुई हो लेकिन अंदरखाने में यह तय हो चुका है कि कौन सी सीट किस पार्टी के हिस्से में जाएगी। 30 से अधिक सीटों पर यह सहमति बन चुकी है कि किस दल को कौन सी सीट मिलेगी। ‘एडजस्टमेंट' वाले कुछ नेता ऐसे हैं जो जिताऊ तो हैं, पर सीटों के वितरण की विवशता में अभी उसी दल से उम्मीदवार नहीं बन सकते हैं। संभव है इनको मौजूदा की बजाय किसी और दल से उम्मीदवार बनाकर एडजस्ट किया जाए। 

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सीटों के चयन में तीनों दल अपनी-अपनी परम्परागत सीटों पर उम्मीदवार उतारने की नीति पर काम कर रहे हैं। लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में जदयू एनडीए का घटक दल नहीं था तो 2009 में लोजपा एनडीए का हिस्सा नहीं था। इस नए सियासी समीकरण के अनुसार सीटों के चयन पर काम हो रहा है। इससे अपनी-अपनी परम्परागत सीटों को दरकिनार कर एनडीए कहीं-कहीं चौंकाने वाले निर्णय भी ले सकता है।

पटना साहिब और पाटलिपुत्र में से कोई एक जदयू लेना चाह रहा 
समस्तीपुर अभी लोजपा के कोटे में है पर जदयू कोटे के एक मंत्री भी यहां ताल ठोक रहे हैं। मोतिहारी में केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह हैं पर यहां जदयू के एक पूर्व मंत्री भी फील्डिंग कर रहे हैं। मुंगेर के बदले लोजपा को बेगूसराय या नवादा मिलेगा, यह भाजपा को तय करना है। उजियारपुर जदयू की परम्परागत सीट रही है, पर यहां के सांसद अभी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय है। झंझारपुर और औरंगाबाद के मौजूदा सांसद एक समय जदयू में थे। खगड़िया अगर भाजपा को मिला तो किशनगंज या अररिया में से कोई एक लोजपा को मिलने की चर्चा है। पटना की दो सीटों पटना साहिब व पाटलिपुत्र में से कोई एक जदयू लेना चाह रहा है।

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सीटों की संभावित स्थिति
भाजपा 
पटनासाहिब, आरा, बक्सर, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, शिवहर, उजियारपुर, मधुबनी, कटिहार, गया, भागलपुर व गोपालगंज।

जदयू 
नालंदा, काराकाट, महाराजगंज, सुपौल, मधेपुरा, दरभंगा, जहानाबाद, मुंगेर, बांका, पूर्णिया, सासाराम, वाल्मीकिनगर, सीतामढ़ी। 

लोजपा 
हाजीपुर, जमुई, वैशाली व समस्तीपुर।

इस पर मंथन 
नवादा, बेगूसराय, मोतिहारी, किशनगंज, अररिया, खगड़िया, झंझारपुर, बेतिया, पाटलिपुत्र व औरंगाबाद। 
 

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  • Web Title:Lok Sabha elections: NDA gets stuck on 10 seats