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लोकसभा चुनाव: PM मोदी को चुनाव आयोग से अब तक नौ मामलों में मिली क्लीन चिट

prime minister narendra modi  pti

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आचार संहिता उल्लंघन के आठवें और नौवें मामले में मंगलवार को चुनाव आयोग से क्लीन चिट मिल गई है। इसमें गुजरात के अहमदाबाद में कथित रोड शो और कर्नाटक के चित्रदुर्ग में भाषण का मामला शामिल है। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राजीव गांधी को कथित रूप से 'भ्रष्टाचारी नंबर वन' कहे जाने पर चुनाव आयोग को मंगलवार को अपनी रिपोर्ट सौंपी। मंगलवार शाम को आयोग को रिपोर्ट और उसके साथ ऑडियो-वीडियो रिकार्डिंग भेजी गयी। रिपोर्ट में मोदी के भाषण का संबंधित अंश है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि प्रथमदृष्टया प्रधानमंत्री की टिप्पणी को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं पाया गया है। लेकिन वहां अधिकारियों ने यह कहते हुए ऑन रिकॉर्ड कुछ भी कहने से इनकार कर दिया कि अभी चुनाव आयोग इस मुद्दे पर आदर्श आचार संहिता एवं अन्य संबंधित नियमों के आधार पर निर्णय लेगा।

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जिन दो ताजा मामलों में मोदी को क्लीन चिट दी गई है, उनमें से एक मामले में कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा था कि 23 अप्रैल को अहमदाबाद में पीएम ने रोड शो निकालकर आचार संहिता का उल्लंघन किया था। इसके अलावा चित्रदुर्ग में 9 अप्रैल को मोदी ने बालाकोट एयर स्ट्राइक के हीरो का जिक्र करते हुए नए मतदाताओं से से वोट डालने की अपील की थी। इसके बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी। अब दोनों ही मामलों में पीएम को क्लीन चिट दे दी गई है।

सात मामलों में पहले मिल चुकी है क्लीन चिट
इससे पहले प्रधानमंत्री के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के सात मामलों में चुनाव आयोग क्लीन चिट दे चुका है। इसको लेकर कांग्रेस भी कई सवाल खड़े कर चुकी है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया। 

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मोदी के बयान पर शिकायत

कब कहां  क्या शिकायत
1 अप्रैल:                              वर्धा  वायनाड को अल्पसंख्यक बहुल कहने का आरोप
6 अप्रैल                     नांदेड़ कांग्रेस डूबता टाइटैनिक, एनसीपी डूब रही 
9 अप्रैल                     लातूर पुलवामा-बालाकोट के नाम पर मांगा वोट
21 अप्रैल             बाड़मेर सेना के नाम पर वोट मांगने का आरोप
21 अप्रैल                पाटन  कैप्टन अभिनंदन को लेकर बयान 
25 अप्रैल             वाराणसी बालाकोट-सेना पर बयान 
26 अप्रैल             वाराणसी एक इंटरव्यू को लेकर शिकायत


राहुल-शाह को भी मिल चुकी है क्लीन चिट
12 मार्च: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर अहमदाबाद रैली में आचार संहिता तोड़ने का आरोप लगा था। इसमें उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है।
8 अप्रैल: राहुल गांधी पर विज्ञापन से आचार संहिता तोड़ने का आरोप लगा, लेकिन आयोग ने क्लीन चिट दी।
23 अप्रैल: राहुल गांधी ने अमित शाह को हत्या का आरोपी बताया था। आयोग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना।
23 अप्रैल: राहुल गांधी ने मोदी पर आदिवासी विरोधी कानून बनाने का आरोप लगाया था। इसपर आयोग ने सफाई मांगी।
22 अप्रैल: अमित शाह ने सेना को मोदी की सेना बताया था। हालांकि उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी। 
23 अप्रैल: अमित शाह ने मतदान के समय साक्षात्कार दिया था। लेकिन इसे आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना गया। 

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आजम, मेनका और योगी पर पाबंदी
17 मार्च: के चंद्रशेखर राव के हिंदुओं पर दिए बयान को लेकर आयोग ने सावधान रहने की हिदायत दी थी।
5 और 12 अप्रैल: आजम खान द्वारा किए गए अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर चेतावनी दी गई और 48 घंटे प्रचार पर रोक लगाई।
9 अप्रैल: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर धार्मिक आधार पर वोट मांगने को लेकर प्रचार पर 72 घंटे का प्रतिबंध लगा था।
11 अप्रैल: मेनका गांधी पर धार्मिक आधार पर वोट मांगने के मामले में 48 घंटे तक प्रचार पर पाबंदी लगी थी।
14 अप्रैल: आजम खान पर जया प्रदा पर विवादित टिप्पणी को लेकर 72 घंटे का प्रतिबंध लगा था।
14 अप्रैल: कमलनाथ को मोदी के खिलाफ बयान देने के मामले में क्लीन चिट मिल गई थी। 
15 अप्रैल: नवजोज सिंह सिद्धू पर धर्म के नाम पर वोट मांगने के आरोप पर तीन दिन का प्रतिबंध लगा था। 
18,20 अप्रैल: प्रज्ञा सिंह ठाकुर को हेमंत करकरते और विवादित ढांचा पर दिए गए बयान को लेकर तीन दिन का प्रतिबंध लगा था।
 

 

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  • Web Title:Lok Sabha elections: Modi got clean chit in nine cases so far from Election Commission