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लोकसभा चुनाव नतीजा: 4 से 1 सीट पर सिमटी AAP, अपने गढ़ दिल्ली में भी 3 फीसद मतों का नुकसान

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दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) को लोकसभा चुनाव में महज एक उम्मीदवार की जीत से संतोष करना पड़ा है। पार्टी ने नौ राज्यों की 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। शुक्रवार को घोषित मतगणना के परिणामों के मुताबिक आप को अपने गढ़ दिल्ली में पिछले चुनाव की तुलना में लगभग तीन फीसदी मतों का नुकसान उठाना पड़ा है। दिल्ली में आप को 18.10 प्रतिशत वोट मिले जबकि पिछले चुनाव में पार्टी का मत प्रतिशत 21.42 था।

पिछले लोकसभा चुनाव में पंजाब में चार सीटों पर सफल रही पार्टी को इस बार सिर्फ संगरूर सीट ही बचा सकी। इस सीट से सांसद और आप की पंजाब इकाई के संयोजक भगवंत मान ने कांग्रेस के केवल सिंह ढिल्लो को पराजित किया है। उल्लेखनीय है कि चार से एक सांसद पर सिमटी आप के निराशाजनक प्रदर्शन ने दिल्ली में लगभग आठ महीने बाद संभावित विधानसभा चुनाव की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। आप ने दिल्ली और पंजाब के अलावा गोवा, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, ओडिशा और अंडमान निकोबार में भी प्रत्याशी खड़े किये थे।

आप का मत प्रतिशत बिहार में 1.37 प्रतिशत रहा। इसके अलावा अन्य सभी राज्यों में पार्टी को एक प्रतिशत से कम वोट मिले। चुनाव परिणाम के मुताबिक आप सिर्फ दो सीटों (उत्तर पश्चिम दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली) पर दूसरे स्थान पर रही। शेष चार सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे।

भाजपा, कांग्रेस को 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में 'आप' से मिलेगी टक्कर

उत्तर पश्चिम सीट से आप उम्मीदवार गूगन सिंह भाजपा के हंसराज हंस से पांच लाख से अधिक दक्षिणी दिल्ली से आप के राघव चड्ढा भाजपा के रमेश बिधूड़़ी से तीन लाख से अधिक मतों से हार गये। वहीं आप उम्मीदवार, पूर्वी दिल्ली से आतिशी, उत्तर पूर्वी दिल्ली से दिलीप पांडे, नयी दिल्ली से ब्रजेश गोयल, चांदनी चौक से पंकज गुप्ता और पश्चिमी दिल्ली से बलबीर सिंह जाखड़ तीसरे स्थान पर रहे। इनमें गोयल, गुप्ता और पांडे की जमानत भी जब्त हो गयी।

उल्लेखनीय है कि 2014 के चुनाव में आप के सभी सात उम्मीदवार कांग्रेस के उम्मीदवारों को तीसरे स्थान पर धकेलकर दूसरा स्थान पाने में कामयाब रहे थे। दिल्ली में सात सीटों पर इस चुनाव में भाजपा को 56 प्रतिशत और कांग्रेस को 22.5 प्रतिशत वोट मिले। दोनों दलों ने अपने मत प्रतिशत में इजाफा कर आप की चिंता को बढ़ा दिया है।

चुनाव परिणाम से स्पष्ट हुयी तस्वीर ने आप के लिये भविष्य की चुनौती को गंभीर बना दिया है। दिल्ली में इस साल दिसंबर या अगल साल जनवरी में संभावित विधानसभा चुनाव को देखते हुये आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 26 मई को पार्टी के प्रदर्शन पर मंथन के लिये प्रदेश इकाइयों को दिल्ली बुलाया है। बैठक में पार्टी नेताओं के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति तय की जायेगी जिससे इसे समय रहते जमीन पर उतारा जा सके।

उल्लेखनीय है कि आप ने 2015 के विधानसभा चुनाव में 70 में से 67 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। आप ने लोकसभा चुनाव में दिल्ली में पूर्ण राज्य की मांग को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया था। विधानसभा चुनाव से महज चंद महीनों पहले लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त ने पूर्ण राज्य के मुद्दे को आगामी विधानसभा चुनाव का भी अहम मुद्दा बनाने की आप की मंशा पर पुनर्विचार के लिये मजबूर कर दिया है। पार्टी की रणनीति, पूर्ण राज्य के मुद्दे पर दिल्ली में लोकसभा चुनाव जीत कर विधानसभा चुनाव में भी केजरीवाल सरकार के शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये गये उल्लेखनीय कामों और पूर्ण राज्य की मांग को मुद्दा बनाकर चुनावी नैया पार करने की थी।

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  • Web Title:Lok Sabha Elections AAP wins 1 seat across India its highest vote share in Delhi at 18 per cent