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कांग्रेस और AAP के गठबंधन की तस्वीर 135 दिन बाद भी साफ नहीं

rahul and arvind kejriwal  photo hindustan times

दिल्ली में 'आप' और कांग्रेस के बीच गठबंधन की तस्वीर 135 दिन बाद भी साफ नहीं है। कांग्रेस-'आप' में बीते साल 30 नवंबर के बाद से ही गठबंधन को लेकर कवायद चल रही है, लेकिन बात अब तक अंजाम तक नहीं पहुंच पाई। जबकि गठबंधन के अलग-अलग फॉर्मूले पर 'आप' और कांग्रेस नेताओं के साथ-साथ महागठबंधन के दूसरे नेताओं ने भी बात की थी। 

नामांकन की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होने जा रही है, लेकिन दोनों दल अब तक अंतिम फैसला नहीं कर पाए हैं। राजधानी की सात लोकसभा सीटों को लेकर कांग्रेस और ‘आप' पिछले साल दिसंबर से गठबंधन की कवायद में जुटे हैं। आपसी विरोध के बाद भी 30 नवंबर को पहली बार रामलीला मैदान में आयोजित भारतीय किसान संघर्ष मोर्चा समन्वय समिति की रैली में राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने मंच साझा किया था।

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इसके बाद दोनों दलों के बीच गठबंधन की अटकलें शुरू हो गइंर्। दूसरे राज्यों के कई बड़े नेता भी इस बातचीत में शामिल थे। लेकिन, 21 दिसंबर को दिल्ली विधानसभा में राजीव गांधी के खिलाफ प्रस्ताव लाने के बाद से दोनों दलों के बीच दूरी बढ़ गई। कांग्रेस की तरफ से पीसी चाको और ‘आप' सांसद संजय सिंह गठबंधन के पक्ष में रहे। दोनों केबीच मुलाकात भी हुई। लेकिन, फरवरी में बातचीत टूटती दिखाई दी।हालांकि, मार्च में दोबारा प्रयास शुरू हुए। लेकिन, बात नहीं बनी।अब दोनों दल गठबंधन नहीं करने का एक-दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं। ताकि उनका पक्ष साफ रहे।

राहुल चार बार प्रदेश नेताओं से मिल चुके
दिल्ली में ‘आप' के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस भी हमेशा बंटी रही। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित के गठबंधन के पक्ष में नहीं होने पर राहुल गांधी ने चार बार प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक की। इसके बाद गठबंधन के लिए 4-3 का फॉर्मूला दिया गया। कांग्रेस ने ‘आप' को चार सीटों पर लड़ने का प्रस्ताव दिया और खुद तीन सीटों पर लड़ने की बात कही। 

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महत्वपूर्ण पड़ाव
- 30 नवंबर 2018 को पहली बार रामलीला मैदान में किसानों की रैली में राहुल गांधी और केजरीवाल ने मंच साझा किया।

- 10 दिसंबर को दिल्ली में 17 दलों की बैठक में केजरीवाल शामिल।

- 21 दिसंबर को विधानसभा में राजीव गांधी के खिलाफ प्रस्ताव।

- 13 फरवरी 2019 को शरद पवार के घर राहुल और केजरीवाल मिले।

- 14 फरवरी को अरविंद केजरीवाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि गठबंधन पर कांग्रेस तैयार नहीं हो रही। 

- 3 अप्रैल को पीसी चाको और संजय सिंह की मुलाकात हुई।

- 11 अप्रैल को कांग्रेस ने चार सीटों पर उम्मीदवार लगभग तय किए।

- 15 अप्रैल को राहुल गांधी ने ट्वीट कर केजरीवाल पर गठबंधन नहीं होने की जिम्मेदारी डाली।

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  • Web Title:Lok sabha Election: Suspense continue on Congress and AAP alliance even after 135 days