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lok Sabha election results 2019 : कांग्रेस के शामिल होने पर भी भाजपा को नहीं रोक पाता महागठबंधन

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यूपी में लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद यह साबित हो गया है कि सपा-बसपा-रालोद के गठबंधन में अगर कांग्रेस शामिल भी होती, तब भी भाजपा के विजय रथ को रोकना असंभव होता। अलबत्ता मात्र कुछ सीटों के नतीजे बदल सकते थे। 

मसलन, अलीगढ़ लोकसभा सीट से भाजपा के सतीश कुमार गौतम को 656215 वोट मिले हैं। यहां महागठबंधन के उम्मीदवार डॉ. अजीत कुमार बालियान को 426954 और कांग्रेस के बिजेन्द्र सिंह को 50880 वोट मिले हैं यानी अगर दोनों के वोट मिल जाह तो भी भाजपा उम्मीदवार ही जीतता।

इसी तरह बहराइच सीट से भाजपा के अक्षयबर लाल चुनाव जीते हैं। उन्हें सावित्री बाई फूले की जगह भाजपा ने टिकट दिया था। भाजपा उम्मीदवार को 525982 वोट मिले हैं। सावित्री बाई फूले कांग्रेस की उम्मीदवार थीं और उन्हें मात्र 34454 वोट मिले हैं। दूसरे नंबर पर गठबंधन के शब्बीर बाल्मीकि को 397230 वोट मिले हैं। कांग्रेस के वोट जोड़ देने पर भी गठबंधन जीत से दूर है। 

गोण्डा लोकसभा सीट से भाजपा के कीर्तिवर्धन सिंह चुनाव जीते हैं। उन्हें 508190 वोट मिले हैं जबकि दूसरे नंबर पर रहे गठबंधन के उम्मीदवार को 341830 और कांग्रेस से लड़ी कृष्णा पटेल को 25686 वोट ही मिले हैं। फतेहपुर लोकसभा सीट का नतीजा भी कुछ यही बता रहा है। फतेहपुर में केन्द्रीय मंत्री निरंजन ज्योति को 566040, गठबंधन उम्मीदवार सुखदेव प्रसाद वर्मा को 367835 और कांग्रेस के राकेश सचान को 66077 वोट मिले हैं। 

मिर्जापुर में केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल 591564 वोट पाकर विजयी रही हैं। उनकी मां कृष्णा पटेल ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था लेकिन यहां कांग्रेस के ललितेशपति त्रिपाठी को मात्र 91501 वोट मिले हैं। दूसरे नंबर पर रहे गठबंधन के रामचरित्र निषाद को 359556 वोट मिले हैं यानी कांग्रेस के वोट मिलने पर भी गठबंधन की जीत नहीं होती।   

यहां बदल सकता था नतीजा
कांग्रेस के महागठबंधन में शामिल होने पर मात्र कुछ लोकसभा सीटों के मौजूदा नतीजों में बदलाव हो सकता था। मसलन- बांदा लोकसभा पर भाजपा के विजयी उम्मीदवार आर.के. सिंह पटेल को 477926 वोट मिले हैं। इस सीट पर गठबंधन के उम्मीदवार श्यामाचरण गुप्ता को 418988 और कांग्रेस के बाल कुमार पटेल को 75438 वोट मिले हैं। यहां कांग्रेस और गठबंधन के वोट मिल कर भाजपा उम्मीदवार को मिले वोट से अधिक हैं। 

मछलीशहर सीट पर भाजपा के भोलानाथ 488397 वोट पाकर चुनाव जीत गए हैं। यहां गठबंधन के उम्मीदवार त्रिभुवन राम को 488216 वोट मिले हैं और वह दूसरे नंबर पर हैं। कांग्रेस ने यह सीट गठबंधन दल जन अधिकार पार्टी को दी थी। उसके उम्मीदवार अमरनाथ पासवान को यहां 7622 वोट मिले हैं यानी दोनों के वोट मिला कर सीट जीती जा सकती थी। 

मछलीशहर में 181 वोटों से जीती भाजपा
जौनपुर जिले की मछलीशहर लोकसभा सीट पर भाजपा के बीपी सरोज ने बसपा के टी राम को 181 मतों से हरा दिया। यहां अंतिम समय तक मुकाबला रोचक बना रहा। हर राउंड के बाद उलटफेर होता रहा। बीपी सरोज को 4 लाख 88 हजार 397 और टीराम 4 लाख 88 हजार 216 मत मिले। पूर्वांचल में इससे पहले सबसे कम अंतर से जीत गाजीपुर में देश के पहले लोकसभा चुनाव के दौरान हुई थी। तब गाजीपुर ईस्ट सीट पर सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी रामनगीना ने कांग्रेस के प्रत्याशी कृष्णानंद को  402 वोटों से हराया था। माना जा रहा है कि बीपी सरोज की जीत किसी भी लोकसभा चुनाव में देश में सबसे कम अंतर की जीत है। (हिटी )

(कुछ लोकसभा सीटों के मौजूदा नतीजों में बदलाव हो सकता था)

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