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लोकसभा चुनाव 2019: इन पांच बड़े मुद्दों पर लड़ा जाएगा लोकसभा चुनाव

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निर्वाचन आयोग ने रविवार को लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों का ऐलान हो चुका है। ऐसे में सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंकने की कोशिश करेंगी। मतदाताओं को लुभाने के लिए तरह-तरह के वादे और दावे भी किए जाएंगे। लेकिन देश के माहौल और स्थिति को देखते हुए लोकसभा चुनाव 2019 के ये मुख्य 5 मुद्दे होंगे।

 

लोकसभा चुनाव 2019 के 5 बड़े मुद्दे-


1- आतंकवाद
-पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आत्मघाती हमले के जवाब में पाकिस्तान और पीओके में वायुसेना की कार्रवाई में मारे गए आतंकियों की संख्या को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। विपक्ष जहां सरकार पर हमले में ढेर आतंकवादियों का सही आकंड़ा बताने का दबाव बना रही है, वहीं सरकार विपक्ष पर वायुसेना के शौर्य पर सवाल उठाने के आरोप लगा रही है।

2- किसान
-मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के चुनावी नतीजों के बाद सभी दलों में किसानों को लुभाने की होड़ मच गई है। केंद्र सरकार ने जहां अंतरिम बजट में छोटे किसानों को सालाना 6000 रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा कर डाली, वहीं कांग्रेस सत्ता में वापसी पर पूरे देश में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान का किसान कर्ज माफी मॉडल लागू करने का वादा कर रही है।

 

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3- राम मंदिर
-भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस के अड़ंगों के चलते अयोध्या विवाद पर जल्द फैसला नहीं आ पा रहा है। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि भाजपा को सिर्फ चुनाव के समय राम मंदिर निर्माण की याद आती है। बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद के हल के लिए तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल गठित किया है, जिसे आठ हफ्ते में अपनी रिपोर्ट पेश करनी है।

4- राफेल सौदा
-कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल राफेल सौदे में एक निजी कंपनी को कथित फायदा पहुंचाने के आरोपों को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर है। वहीं, मोदी सरकार का कहना है कि उसके कार्यकाल में हुआ राफेल सौदे यूपीए के मुकाबले सस्ता है। राफेल पर कैग की रिपोर्ट भी विवादों में रही। संसद और कोर्ट की तरह ही चुनाव मैदान में भी राफेल मुद्दा जमकर उछलना तय है।

5- बेरोजगारी
-विपक्ष मोदी सरकार पर हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगा रहा है। उसने बेरोजगारी दर 45 वर्ष के उच्चतम स्तर पर होने की एनएसएसओ रिपोर्ट को लेकर भी सरकार को घेरा है। दूसरी ओर, सरकार यह कहते हुए अपना बचाव कर रही कि रोजगार के आकलन की कोई मानक व्यवस्था नहीं है। इसका अनुमान सिर्फ सात-आठ सेक्टरों के टोकन सर्वे के आधार पर लगाया जाता है।

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  • Web Title:lok sabha election 2019 to be fought for over these 5 big issues