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महागठबंधन को झटका, नए विवाद के बाद दिल्ली में कमजोर हुई कांग्रेस-AAP गठजोड़ की उम्मीद

आम आदमी पार्टी की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की मांग के बाद से कांग्रेस के आम कार्यकर्ता के साथ-साथ आलाकमान भी नाराज हो गया है।

अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह (पीटीआई फोटो)

2019 लोकसभा चुनावों (Lok sabha chunav 2019) से पहले देश भर में महागठबंधन की चर्चा दिल्ली में कमजोर पड़ गई है। शुरू से ही असमंजस में चल रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच गठबंधन की डोर विधानसभा के पूरे प्रकरण के बाद बेहद कमजोर मानी जा रही है। 

आम आदमी पार्टी की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की मांग के बाद से कांग्रेस के आम कार्यकर्ता के साथ-साथ आलाकमान भी नाराज हो गया है। एक वर्ष से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस-आप के बीच गठबंधन के कयास लगाए जा रहे थे। आप ने कभी गठबंधन को लेकर न नहीं की, लेकिन कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजय माकन व पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित इसे हमेशा नकारते रहे हैं। हाल ही में शीला दीक्षित ने कहा था कि गठबंधन का निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी करेंगे। इसके बाद फिर इसकी चर्चा शुरू हो गई थी। 

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शुक्रवार को विधानसभा जो प्रस्ताव पास हुआ, उससे गठबंधन की राह कठिन हो गई है। दरअसल, आप ने जो संकल्प पास किया है, उससे कांग्रेस से कभी गठबंधन संभव ही नहीं है। आप के इस रवैये को लेकर कांग्रेस में गहरी नाराजगी है। कांग्रेस में आप के साथ गठबंधन के पक्ष में रहे नेता भी इस प्रकरण के बाद असहज हैं। देर शाम कांग्रेस ने आप के दफ्तर पर इस मामले को लेकर प्रदर्शन भी कर दिया। तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद गठबंधन की चर्चा ने जोर पकड़ा था, लेकिन इस घटना के बाद यह चर्चा कमजोर हो गई है।

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  • Web Title:lok sabha election 2019 after former pm rajiv gandhi resolution issue less chance of aap congress alliance in delhi