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हिंदी न्यूज़ देश'लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया...' कांग्रेस अध्यक्ष पद के नामांकन से पहले शशि थरूर ने क्यों कहा ऐसा

'लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया...' कांग्रेस अध्यक्ष पद के नामांकन से पहले शशि थरूर ने क्यों कहा ऐसा

कांग्रेस पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए पार्टी के भीतर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सबसे पहले अशोक गहलोत का नाम सामने आया था लेकिन अब दावेदारों की संख्या बढ़ गई है। शशि थरूर भी चुनाव लड़ेंगे।

'लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया...' कांग्रेस अध्यक्ष पद के नामांकन से पहले शशि थरूर ने क्यों कहा ऐसा
Ashutosh Rayलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 28 Sep 2022 05:35 PM

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कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने जा रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने 30 सितंबर को नामांकन दाखिल करने से पहले बुधवार को एक शायरी के जरिए परोक्ष रूप से यह दावा किया कि उनकी उम्मीदवारी के समर्थन का दायरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने ट्वीट में कहा है कि वो जैसे-जैसे आगे आगे बढ़ते गए वैसे-वैसे उनका कारवां बनता गया। अपनी उम्मीदवारों को मजबूत बताने के लिए उन्होंने मशहूर शायर और गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी का शेरर ट्वीट किया है।

केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने ट्वीट करते हुए कहा मैं 'अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल, मगर लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया।' उनके इस ट्वीट का सीधा मतलब लगाया जा रहा है कि वो यह बताना चाहते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए उनको मिलने वाला समर्थन बढ़ता जा रहा है। थरूर 30 सितंबर को सुबह 11 बजे नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।

30 सितंबर है नामांकन की आखिरी तारीख

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना 22 सितंबर को जारी की गई और नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 24 से शुरू हुई, जो 30 सितंबर तक चलेगी। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है। एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 19 अक्टूबर को घोषित किये जाएंगे।

रेस में दिग्विजय सिंह का नाम भी आया सामने

कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में लगातार नए नाम जुड़ते जा रहे हैं। अब मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का नाम भी इस रेस में शामिल हो गया है। वह कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम पहले ही सामने आ चुका था, लेकिन राज्य में विधायकों के इस्तीफे ने बवाल खड़ा कर दिया है। एक साथ 82 विधायकों के इस्तीफे को पार्टी ने खुद के लिए अपमान के तौर पर लिया है। अशोक गहलोत को लेकर माना जा रहा था कि अगर वो मैदान में उतरते हैं तो अध्यक्ष बनने की उनकी संभावना ज्यादा थी। 

राजस्थान में विधायकों के बवाल ने गहलोत की मुश्किल बढ़ाई

अशोक गहलोत बुधवार नई दिल्ली पहुंचने वाले हैं। यहां वो पार्टी हाईकमान से मुलाकात करेंगे। सूत्रों की माने तो गहलोत पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे या नहीं, यह आलाकमान के साथ बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा। गहलोत ने पहले कहा था कि वह पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। वहीं, मुख्‍यमंत्री पद की दौड़ में आगे माने जा रहे सचिन पायलट मंगलवार से ही दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।

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