लॉकडाउन: दिल्ली से पटना के लिए आज शाम 5 बजे ट्रेन, स्टेशन के लिए रात 2 बजे ही पैदल निकल गया शख्स

Rakesh Kumar लाइव हिंदुस्तान टीम, नई दिल्ली
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देश में कोरोना वायरस की वजह से जारी लॉकडाउन के दौरान अधिक से अधिक प्रवासियों को घर पहुंचाने के प्रयास में रेलवे ने 'श्रमिक विशेष' गाड़ियों की व्यवस्था की है। रेलवे ने सोमवार को 15 विशेष...

लॉकडाउन: दिल्ली से पटना के लिए आज शाम 5 बजे ट्रेन, स्टेशन के लिए रात 2 बजे ही पैदल निकल गया शख्स

देश में कोरोना वायरस की वजह से जारी लॉकडाउन के दौरान अधिक से अधिक प्रवासियों को घर पहुंचाने के प्रयास में रेलवे ने 'श्रमिक विशेष' गाड़ियों की व्यवस्था की है। रेलवे ने सोमवार को 15 विशेष ट्रेनों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे, जो आज मंगलवार से चलना शुरू होंगी। मंगलवार 12 मई को आठ में से तीन रेलगाड़ियां नई दिल्ली से रवाना होंगी और डिब्रूगढ़, बेंगलुरु और बिलासपुर पहुंचेंगी। हावड़ा, राजेन्द्र नगर (पटना), बेंगलुरु, मुम्बई मध्य और अहमदाबाद से एक-एक रेलगाड़ी रवाना होगी और दिल्ली पहुंचेगी।

वहीं दूसरी ओर, अपने घर जाने के लिए यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पहले ऑनलाइन टिकट बुकिंग और फिर समय पर रेलवे स्टेशन पहुंचने की दिक्कत। कुछ यात्री तो ऐसे हैं, जो शाम पांच बजे की ट्रेन पकड़ने के लिए देर रात ही घर से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के लिए निकल पड़े। ऐसे ही एक यात्री ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "मंगलवार शाम 4 बजकर 45 मिनट पर पटना दानापुर के लिए नई दिल्ली से चलने वाली स्पेशल ट्रेन को पकड़ने के लिए मैं रात के 2 बजे ही अपने घर से निकल पड़ा था। मैं कल पटना पहुंच जाऊंगा।"

— ANI (@ANI) May 12, 2020

भारतीय रेल ने एक मई से अब तक 468 ट्रेनों के माध्यम से पांच लाख से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया है। अब तक बिहार ने सबसे अधिक 100 ट्रेनों को मंजूरी दी है और सबसे अधिक प्रवासी श्रमिकों को वापस बुलाया है, जबकि पश्चिम बंगाल ने केवल दो ट्रेनों को मंजूर किया है, जबकि आठ और गाड़ियों को अनुमति मिलने की संभावना है।

लॉकडाउन के दौरान अधिक से अधिक प्रवासियों को घर पहुंचाने के प्रयास में रेलवे ने अब 'श्रमिक विशेष' गाड़ियों में 1200 की जगह 1700 यात्रियों को भेजने का निर्णय किया है और तीन स्थानों पर इन ट्रेनों का ठहराव होगा। रेलवे की ओर से जारी आदेश में, रेलवे जोनों को संबंधित राज्यों में गंतव्य के अलावा तीन जगहों पर गाड़ियों के ठहराव के लिए कहा गया है। राज्य सरकारों के आग्रह पर यह निर्णय किया गया है।

इसमें यह भी कहा गया है कि ट्रेन में यात्रियों को ले जाने की क्षमता उसमें मौजूद शयनयान कोच के सीटों की संख्या के बराबर होनी चाहिए। श्रमिक विशेष गाड़ियों में 24 डब्बे हैं और प्रत्येक डब्बे में 72 यात्रियों को ले जाने की क्षमता है। सामाजिक मेल जोल से दूरी के प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए वर्तमान में प्रत्येक डब्बे में 54 यात्रियों को लेकर ले जाया जा रहा है।

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