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6 अगस्त, 2020|6:11|IST

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लॉकडाउन: देश के 91 फीसदी कर्मचारियों पर पड़ सकता है प्रतिबंध का असर

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देश में अनौपचारिक सेक्टर में काम करने वाले करीब 91 फीसदी लोगों को प्रतिबंधों का दुष्प्रभाव झेलना पड़ सकता है। पंजाब में लॉकडाउन से निकालने के उपाय सुझाने के लिए बनाई गई कमेटी ने रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्तर पर कार्यबल की समस्याओं का जिक्र किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में करीब 465 मिलियन वर्कफोर्स में से करीब 91 फीसदी यानी 422 मिलियन अनौपचारिक सेक्टर में काम करने वाले हैं। इन्हें सामाजिक व आर्थिक दुष्प्रभाव झेलने पड़ सकते हैं।

जिनकी नियमित आय नहीं उन्हें ज्यादा परेशानी

अनौपचारिक सेक्टर में काम कर रहे लोगों की कोई नियमित आय नहीं है। स्वास्थ्य बीमा, नौकरीपेशा लोगों को मिलने वाले लाभ से ये वंचित हैं। इसलिए इनके परिवारों पर मौजूदा संकट का काफी बुरा असर पड़ना तय है।

सरकार की तरफ से कोशिश जारी

सरकार अनौपचारिक सेक्टर में काम कर रहे लोगों की मदद का प्रयास कर रही है। राशन के अलावा जनधन खातों में सहायता राशि भेजी गई है। सरकार में नियोक्ताओं से कामगारों के वेतन न काटने की अपील भी की गई है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों की नौकरी जाने और शहर छोड़कर जाने से चुनौती संबंधित राज्यों के सामने बनी हुई है।
 
केंद्र और राज्य सरकारों का आपसी सहयोग जरूरी

अनौपचारिक सेक्टर में काम करने वाले ये लोग नीति निर्माताओं के लिए बड़ी चुनौती हैं। इन्हें किस तरह से राहत पहुंचाई जाए, जिससे संकट का असर इन पर कम किया जा सके। इसके लिए समग्र योजना की जरूरत है। संकट से निपटने के लिए केंद्र व राज्य सरकार का सहयोग, निजी क्षेत्र और सिविल सोसायटी के सहयोग से नीति बनाने की सिफारिश की गई है। कृषि व इससे जुड़े काम, निर्माण सेक्टर, ट्रेड,रिपेयर, होटल,रेस्तरां, सेवा क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

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  • Web Title:Lockdown: 91 percent of the country employees may be affected by the ban