बाढ़ शिविरों में मवेशियों के चारे का संकट, ऊंचे दामों पर पुआल खरीदने को मजबूर पशुपालक
भागलपुर में बाढ़ से प्रभावित विस्थापितों के लिए मवेशियों के चारे की कमी एक बड़ी समस्या बन गई है। राहत शिविरों में पशुपालक महंगा चारा खरीदने के लिए मजबूर हैं। लेकिन एक कंपनी मंडल ने ट्रैक्टर और थ्रेसर मशीन से राहत शिविर में चारे की कुट्टी तैयार कर अन्य पशुपालकों को उचित दर पर चारा उपलब्ध कराने का साहसिक कदम उठाया।

भागलपुर, वरीय संवाददाता। बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहे विस्थापितों के सामने अब अपने मवेशियों के लिए चारे का प्रबंध करना बड़ी चुनौती बन गई है। राहत शिविरों में शरण लिए पशुपालक जैसे-तैसे अपने साथ लाया चारा बचाकर इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं प्रशासन की ओर से पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण व्यापारी आपदा में अवसर तलाश रहे हैं। लाचार पशुपालक 100 से 150 रुपये प्रति बोरी की दर से महंगा चारा खरीदने को मजबूर हैं।इसी बीच, पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित राहत शिविर से राहत की एक तस्वीर सामने आई है। शिविर में रह रहे कंपनी मंडल ने जब अपने पशुओं के लिए बाहर से चारा मंगवाया, तो अन्य प्रभावितों ने भी उनसे मदद की गुहार लगाई।
पशुपालकों की समस्या को देखते हुए कंपनी मंडल ने स्थानीय व्यवसायी से संपर्क कर एक ट्रैक्टर पुआल और भाड़े पर थ्रेसर मशीन मंगवा ली। अब वे राहत शिविर के भीतर ही पुआल की कुट्टी तैयार कर अन्य पशुपालकों को उचित दर पर चारा उपलब्ध करा रहे हैं। इस पहल से शिविर में रह रहे दर्जनों पशुपालकों को काफी राहत मिली है।


