DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

प्रथम प्रवासी सांसद सम्मेलन:हर सेक्टर में सुधार, पिछले 3 सालों में सबसे ज्यादा निवेेश- मोदी

PM Narendra modi

1 / 3PM Narendra modi

Narendra Modi

2 / 3Narendra Modi

PM Narendra modi

3 / 3PM Narendra modi

PreviousNext

प्रथम प्रवासी सांसद सम्मेलन का आयोजन आज नई दिल्ली में शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने कहा कि प्रवासी भारतीयों के मन से भारत कभी नहीं मिटा।

पीएम मोदी ने कहा कि आपको यहां देखकर आपके पूर्वजों को कितनी प्रसन्नता हो रही होगी, इसका अंदाजा हम सभी लगा सकते हैं। वो जहां भी होंगे, आपको यहां देखकर बहुत खुश होंगे। सैकड़ों वर्षों के कालखंड में भारत से जो भी लोग बाहर गए, भारत उनके मन से कभी बाहर नहीं निकला। प्रवासी भारतीय ने जहां एक तरफ खुद में भारतीयता को जीवित रखा, तो दूसरी तरफ वहां की भाषा, वहां के खान-पान, वहां की वेश-भूषा में भी पूरी तरह घुल-मिल गए।

पीएम मोदी ने कहा कि आपने अनुभव किया होगा कि पिछले तीन-चार वर्षों में भारत के प्रति नजरिया बदल गया है। हम पर फोकस बढ़ रहा है, विश्व का हमारे प्रति नजरिया बदल रहा है, तो इसका मुख्य कारण यही है कि भारत स्वयं बदल रहा है, ट्रांसफॉर्म हो रहा है। प्रवासी भारतीयों की तारीफ करते हुए पीएम ने कहा कि देश का गौरव बढ़ाने के लिए भारत के प्रवासी बधाई के हकदार हैं। व्यापार करने के लिए हमने नियम में सुधार किये।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में जो भी निवेश हुआ है। उसका आधा निवेश पिछले 3 सालों में हुआ। गुड्स एंड सर्विस टैक्स ( जीएसटी) से देश का सुधार किया है। सैकड़ों टैक्स के जाल से भारत को निकाला है। भारत अभी दुनिया का सबसे नौजवान देश है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमने दोगुनी गति से रेलवे लाइनों का दोहरीकरण किया है। हाईवे, रेलवे, एयरवेज और पोर्ट को विकसित कर रहे हैं। राज्यों को किरोसिन मुक्त बनाने की ओर कदम बढ़ाया है। उज्जवला योजना से देश की 3 करोड़ महिलाओं को इससे फायदा हुआ है।

त्याग और सेवा की भावना की पहचान भारत है। हम पड़ोसी देशों में संकट आने पर मदद करते हैं। यमन से संकट आया तो हमने 4500 भारतीयों को निकला। 48 देशों के 2000 लोगों को भी निकाला। नेपाल में भूकंप के दौरान भारत उनके साथ खड़ा रहा।

कुलभूषण जाधव मामला: अमेरिका में पाकिस्तानी दूतावास के सामने प्रदर्शन, पाकिस्तान को कहा 'चप्पल चोर'

प्रथम प्रवासी सांसद सम्मेलन में 23 देशों के भारतीय मूल के 140 से अधिक सांसद और मेयर के शामिल होने की उम्मीद है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। नई दिल्ली के प्रवासी भारतीय केंद्र में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का उद्देश्य प्रवासी भारतीयों से संपर्क के जरिए इन देशों से संबंध मजबूत बनाना है।

यह पूछे जाने पर कि, क्या यह संयुक्त राष्ट्र में हिन्दी को आधिकारिक भाषा बनाने की दिशा में सरकार की कोशिश को आगे बढाने के लिए भी एक मंच मुहैया करेगा? डी एम मुले ने हाल ही में संवाददाताओं से कहा था कि, "हम हिन्दी को काफी प्राथमिकता देते हैं और जब फिजी और मॉरीशस जैसे देशों के प्रतिनिधि आएंगे और हिन्दी में बोलेंगे तब खुद ही इसे बल मिलेगा।" इस सम्मेन में हिस्सा लेने के लिए 30 देशों को आमंत्रण भेजा गया था और 23 ने अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। इन देशों से कुल 141 जन प्रतिनिधियों के भाग लेने का कार्यक्रम है। ब्रिटेन, कनाडा, फिजी, केन्या, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और अन्य देशों से 124 सांसदों के इसमें भाग लेने का कार्यक्रम है।

मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सम्मेलन में अमेरिका, मलेशिया, स्विटजरलैंड, गुयाना, त्रिनिदाद एवं टोबैगो सहित अन्य देशों से 17 मेयर के भी यहां दिन भर के कार्यक्रम में शरीक होने का कार्यक्रम है। अमेरिका में अभी सीनेट का सत्र चल रहा है, ऐसे में वहां से प्रतिनिधि नहीं आ रहे हैं। श्रीलंका को छोड़ कर किसी अन्य दक्षेस देश को आमंत्रण नहीं भेजा गया।

सम्मेलन में दो परिचर्चा सत्र भी हैं, जिसमें प्रवासी भारतीय सांसद 'संघर्ष से संसद तक की यात्रा और उभरता भारत' प्रवासी भारतीय सांसदों की भूमिका विषय शामिल हैं। सम्मेलन के एक सत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर भी शामिल हो रहे हैं। इस सत्र की अध्यक्षता राज्यसभा के उपसभापति करेंगे। दूसरे सत्र में संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार विशेष अतिथि होंगे, जिसकी अध्यक्षता लोकसभा के उपाध्यक्ष करेंगे। उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन समापन सत्र में हिस्सा लेंगे।

मधु वल्ली ने जीता 2017  मिस इंडिया वर्ल्डवाइड  का खिताब

9 जनवरी को ही क्‍यों मनाया जाता है प्रवासी भारीतय द‍िवस?
भारत सरकार हर साल 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन करती है। दरअसल, महात्‍मा गांधी इसी द‍िन दक्षिण अफ्रीका से साल 1915 में स्‍वदेश वापस लौटे थे. महात्‍मा गांधी को सबसे बड़ा प्रवासी माना जाता है जिन्‍होंने न सिर्फ भारत के स्‍वतंत्रता संग्राम का नेतृत्‍व किया बल्‍कि भारतीयों के जीवन को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया।

भारतीय प्रवासी दिवस का उद्देश्‍य
- अप्रवासी भारतीयों की भारत के प्रति सोच, भावना की अभिव्यक्ति, देशवासियों के साथ सकारात्मक बातचीत के लिए एक मंच उपलब्ध कराना। 
- विश्व के सभी देशों में अप्रवासी भारतीयों का नेटवर्क बनाना।  
- युवा पीढ़ी को अप्रवासियों से जोड़ना। 
- विदेशों में रह रहे भारतीय श्रमजीवियों की कठिनाइयां जानना त‍था उन्हें दूर करने की कोश‍िश करना। 
- भारत के प्रति अनिवासियों को आकर्षित करना। 
- निवेश के अवसर को बढ़ाना। 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:live updates prime minister narendra modi inaugurates first overseas parliamentary conference in new delhi