कोरोना लॉकडाउन में काम आई 'लाइफलाइन' उड़ान, पूरे देश में 138 टन मेडिकल सामानों की हुई सप्लाई
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए देशभर में लगाए गए लॉकडाउन के बीच 'लाइफलाइन उड़ान' पहल के तहत तीन अप्रैल तक देशभर में 107 उड़ानों के माध्यम से 138 टन से अधिक मेडिकल सप्लाई की आपूर्ति की गई है।...

कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए देशभर में लगाए गए लॉकडाउन के बीच 'लाइफलाइन उड़ान' पहल के तहत तीन अप्रैल तक देशभर में 107 उड़ानों के माध्यम से 138 टन से अधिक मेडिकल सप्लाई की आपूर्ति की गई है। केंद्र सरकार ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के खिलाफ भारत की लड़ाई का समर्थन करने के लिए ये उड़ानें देश के दूरदराज के हिस्सों में आवश्यक मेडिकल कागोर् के परिवहन के लिए संचालित की जा रही हैं।
इन उड़ानों को एयर इंडिया, एलायंस एयर, भारतीय वायुसेना, पवन हंस और निजी वाहक द्वारा संचालित किया गया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “कागोर् में राज्य व केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों द्वारा आवेदन कर अनिवार्य रूप से मंगाया गया सामान जैसे रिएजेंट्स, एंजाइम, मेडिकल इक्विपमेंट, टेस्टिंग किट व पीपीई, मास्क, दस्ताने और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं।”
सरकारी एयर इंडिया और एलायंस एयर ने 79 उड़ानें संचालित की हैं। वहीं, इसके अलावा, ब्लू डार्ट, स्पाइसजेट और इंडिगो वाणिज्यिक आधार पर कागोर् उड़ानों का संचालन कर रही हैं। स्पाइसजेट ने अपनी ओर से 24 मार्च से तीन अप्रैल, 2०2० तक 153 कागोर् उड़ानों का संचालन किया। इसी तरह, ब्लू डार्ट ने 25 मार्च से तीन अप्रैल तक 48 घरेलू कार्गों उड़ानों का संचालन किया। बजट एयरलाइन इंडिगो ने तीन मार्च को 2.33 टन कागोर् लेकर पांच कागोर् उड़ानों का संचालन किया।


