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VIDEO: उत्तर-पश्चिम रेलवे की पहली महिला कुली की कहानी, उन्हीं की जुबानी, राष्ट्रपति कर चुके हैं सम्मानित

मंजू देवी

मंजू देवी बतौर कुली काम करने वाली उत्तर-पश्चिम रेलवे की पहली महिला हैं। वह जयपुर रेलवे स्टेशन पर कुली का काम करती हैं। पुरुष कुलियों की तरह वे भी यात्रियों का भारी से भारी सामान रेल से स्टेशन के बाहर तक ले जाती हैं। मंजू देवी किसी भी मायने में अपने पुरुष कुली साथियों से कम नहीं हैं। इसी वजह से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी उनकी कहानी सुनके भावुक हो गए थे।मंजू देवी ने अपनी जिंदगी के नाजुक पलों को याद करते हुए कहा कि, खाना खाने और बच्चों को पढ़ाने के लिए उन्हें कुली के काम की शुरुआत करनी पड़ी। उन्होंने आगे बताया कि, उनके पति भी कुली का काम करते थे, लेकिन पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद घर चलाने के लिए उन्होंने पति के बिल्ला नं 15 पर कुली का काम शुरू कर दिया। उन्हें हमेशा लगता था कि जब महिला घर के अंदर शारीरिक मेहनत वाला काम कर सकती है तो घर के बाहर क्यों नहीं कर सकती। मंजू का मानना है कि औरत किसी भी मायने में पुरुषों से कम नहीं है।

 

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राष्ट्रपति सम्मान पा चुकी हैं मंजू देवी...
आपको बता दें कि मंजू उन 112 महिलाओं में से एक थीं जिन्हें महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 20 जनवरी 2018 को सम्मानित किया गया था। इनमें पूर्व ब्यूटी क्वीन्स रहीं ऐश्वर्या राय, निकोल फारिया, पर्वतारोही बछेंद्री पाल, अंशू जमसेंपा, मिसाइल वुमन टेसी थॉमस और प्राइवेट डिटेक्टिव रजनी पंडित शामिल हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि वह मंजू देवी के जीवन की कहानी सुनकर भावुक हो गए थे।

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  • Web Title:life story of northern western indian railways first femal coolie manju devi