एलआईजी पॉलिसी की रकम 1.60 लाख करेगी पीड़िता को अदा
एलआईसी द्वारा पॉलिसी की परिपक्वता पर कम भुगतान किया गया। अंजली जैन ने न्याय के लिए जिला उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की। आयोग ने एलआईसी को 1,45,620 रुपये देने का आदेश दिया, जिसमें ब्याज और मानसिक पीड़ा का मुआवजा भी शामिल है। आयोग ने 45 दिन के भीतर भुगतान का निर्देश दिया।

एलआईसी द्वारा पॉलिसी पूरी होने के बाद कम भुगतान किया। पीड़िता ने न्याय के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में मामला प्रस्तुत किया। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार एवं सदस्य राजीव सिंह ने सेवा में कमी मानते हुए एलआईसी से मय छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वादिया को एक लाख 45 हजार 620 रुपये दिलाने के आदेश दिए। साथ ही मानसिक पीड़ा एवं वाद व्यय के 15 हजार भी अदा करें। कमला नगर निवासी अंजली जैन ने अधिवक्ता गिरीश कुमार गोयल के माध्यम से आयोग में वाद दायर किया। आरोप था कि उसने 26 सितंबर 2003 को 20 वर्ष के लिए 31 हजार 986 रुपये का वार्षिक प्रीमियम अदा कर भारतीय जीवन बीमा निगम से पॉलिसी ली थी।
उक्त पॉलिसी वर्ष 2023 में परिपक्व होनी थी। एलआईसी द्वारा कम भुगतान वादिया को किया गया। आयोग ने वादिया का वाद स्वीकृत कर एलआईसी को 45 दिन के भीतर भुगतान करने के आदेश दिए।


