टीबी की बीमारी छुपा एलआईसी से पॉलिसी लेने पर क्लेम निरस्त
स्थायी लोक अदालत ने राधा देवी का LIC पॉलिसी क्लेम खारिज कर दिया। उनका भाई सुरेंद्र सिंह जो ट्यूबरकुलोसिस से शिकार थे, की मृत्यु के बाद क्लेम दायर किया गया था। एलआईसी ने बीमारी को छुपाने का हवाला देकर दावे को अस्वीकार किया। अदालत ने एलआईसी के तर्क को स्वीकार किया, जिससे राधा देवी को राहत नहीं मिली।

पूर्व से टीबी की बीमारी छुपा एलआईसी की पॉलिसी का क्लेम लेने को प्रस्तुत वाद को स्थाई लोक अदालत ने निरस्त करने के आदेश दिए। इससे वादी को राहत नहीं मिली है। कलाल खेरिया निवासी राधा देवी ने स्थाई लोक अदालत में मामला प्रस्तुत कर कहा कि उसके अविवाहित बड़े भाई सुरेंद्र सिंह ने 12 अप्रैल 22 को एलआईसी से दो लाख रुपये बीमित धनराशि की पॉलिसी ली थी। जिसकी तिमाही किस्त 3100 रुपये थी। उसके भाई द्वारा किस्त का भुगतान नियमित रूप से एलआईसी को किया जाता रहा। बुखार आने से नौ अप्रैल 23 को उसके भाई की मृत्यु हो जाने पर पॉलिसी में नामित होने के आधार पर वादी ने एलआईसी से बीमा राशि का क्लेम किया।
एलआईसी द्वारा पूर्व से टीबी की बीमारी होने का हवाला दे, पूर्व बीमारी छुपा पॉलिसी लेने पर क्लेम दावा निरस्त कर दिया। स्थाई लोक अदालत की अध्यक्ष शोभा पोरवाल एवं सदस्य हेमलता गौतम ने तर्क सुनने के बाद वादी का दावा निरस्त कर दिया। बीमा कंपनी की तरफ से पैरवी एडवोकेट संजय जिंदल ने की।


