ठाकुद्वारा के 40 संवेदनशील गांवों में 49 पिंजरों से तेंदुओं की निगरानी
वन विभाग द्वारा मानव-तेंदुआ संघर्ष रोकने के लिए लगातार रेस्क्यू एवं जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ठाकुरद्वारा क्षेत्र के प्रभावित गांवों में पिंजरे लगाए गए हैं, और तेंदुओं की निगरानी के लिए 40 ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। ग्रामीणों को तेंदुए से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।

मानव-तेंदुआ संघर्ष के रोकथाम और तेंदुओं की सुरक्षित निगरानी के लिए वन विभाग का रेस्क्यू एवं जनजागरूकता अभियान लगातार जारी है। ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र में तेंदुआ प्रभावित गांवों पर विशेष नजर रखी जा रही है। डीएफओ डॉ. विनय कुमार ने बताया कि अभियान के तहत ठाकुरद्वारा तहसील के बलियावाला, बल्लमगढ़, बाहपुर, लालापुर पीपलसाना, सुरजननगर, सुल्तानपुर दोस्त और सरकड़ा परम समेत कई गांवों तथा कांठ तहसील के रम्पुरा, दयानाथपुर, कुचावली, चौहरा रसूलपुर, सलेमपुर, राजीपुर और पायंदापुर में लगाए गए पिंजरों का निरीक्षण किया गया। वनकर्मियों को पिंजरों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि किशनपुर गामड़ी, सरकड़ा परम और मुल्तावान समेत संवेदनशील गांवों से तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर उसकी लोकेशन ट्रैक की और गतिविधियों वाले चिन्हित स्थानों पर पिंजरे लगाए।
तेंदुआ प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात लगातार निगरानी और गश्त की जा रही है। वन विभाग की ओर से मलाकपुर सेमली, बहादरनगर, शेरपुर पट्टी, गामड़ी, लालापुर पीपलसाना, बाहपुर, पीपली घनश्याम, किशनपुर गामड़ी, मढैया, सरकड़ा करीम और सुल्तानपुर दोस्त समेत कई गांवों में लाउडस्पीकर युक्त वाहनों से प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है। ग्रामीणों को तेंदुए से बचाव और जरूरी सावधानियों की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा संवेदनशील गांवों के स्कूलों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को भी तेंदुए से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। डीएफओ के अनुसार जिले के 40 तेंदुआ प्रभावित गांवों में कुल 49 पिंजरे लगाए गए हैं। तेंदुओं की मौजूदगी और उनकी गतिविधियों की पहचान के लिए 40 ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की टीमें कैमरों को लगाने के साथ उनसे प्राप्त तस्वीरों और अन्य गतिविधियों का अध्ययन कर रही हैं। इससे तेंदुओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों की पहचान कर निगरानी और रेस्क्यू अभियान को प्रभावी बनाने में मदद मिल रही है।


