सात दिन पूर्व तेंदुए के हमले में घायल बच्ची की मौत
बहराइच के जूड़ा गांव में एक सप्ताह पहले तेंदुए के हमले में घायल 3 वर्षीय लाडो की मौत हो गई। उसे इलाज के लिए लखनऊ केजीएएमयू में भर्ती कराया गया था। शनिवार देर रात उसकी मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल बना। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

बहराइच, संवाददाता । बहराइच वन प्रभाग की नानपारा रेंज के जूड़ा गांव के मजरे खटकनपुरवा में एक सप्ताह पूर्व तेंदुए के हमले में घायल बच्ची की मौत हो गई। उसका लखनऊ केजीएएमयू में इलाज चल रहा था। शनिवार देर रात लखनऊ में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। नानपारा कोतवाली के जूड़ा के मजरे खटकनपुरवा गांव निवासनी अनीता पत्नी सीताराम रविवार की देर शाम करीब सात बजे घर के आंगन में लगे नल पर पानी भर रही थी।
उनकी बेटी लाडो (3) पास में खड़ी थी। इसी दौरान अचानक घर में घुसे तेंदुए ने मासूम पर हमला कर दिया और उसे जबड़े में दबोचकर खेतों की ओर भाग निकला। बेटी को तेंदुए के जबड़े में फंसा देख अनीता ने शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के लोग लाठी -मडंडे लेकर तेंदुए के पीछे दौड़ पड़े। लगभग 30 मिनट की घेराबंदी पर तेंदुआ घर से लगभग चार सौ मीटर दूर खेत में मासूम को गंभीरावस्था में छोड़कर चला गया। परिजन तत्काल उसे नानपारा सीएचसी लाए । चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज के बाद हालत नाजुक बनी हुई देख उसे लखनऊ केजीएएमयू रेफर कर दिया था। लखनऊ में लगभग एक सप्ताह से उसका इलाज हो रहा था। शनिवार देर रात इलाज के दौरान लाडो की सांसे गई।


