विधायिका की गरिमा बनाए रखना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी: महाना
- विधायकों को तकनीक की समझ विकसित करनी होगी लखनऊ, विशेष संवाददाता

लखनऊ, विशेष संवाददाता
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा है कि विधायिका लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में एक है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। पिछले कई दशकों में विधायिका की गरिमा में आई गिरावट को बदलने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बदलते समय के साथ विधायकों को तकनीक की समझ विकसित करनी होगी। जनप्रतिनिधियों का सार्वजनिक जीवन आज डिजिटल माध्यमों से भी जुड़ा हुआ है।
साइबर सुरक्षा कार्यशाला
विधानसभा अध्यक्ष सोमवार को एक होटल में विधायकों के लिए आयोजित ‘साइबर सुरक्षा: ए डिजिटल सिक्योरिटी ब्रीफिंग फॉर लेजिस्लेटर्स’ की तीसरी कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया जनता से संवाद का प्रभावी माध्यम है, लेकिन इसके इस्तेमाल में संयम और सतर्कता बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया पर आने वाली हर सूचना को सही मान लेना उचित नहीं है। उन्होंने विधायकों से कहा कि यदि कोई नकारात्मक, आपत्तिजनक या अनावश्यक पोस्ट सामने आती है तो उस पर प्रतिक्रिया देने के बजाय उसे तत्काल ब्लॉक कर दें। जनप्रतिनिधियों को डिजिटल छवि के साथ-साथ विधायिका की गरिमा का भी ध्यान रखना चाहिए।
सूचना और जागरूकता
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि तकनीक बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है और उसी के साथ साइबर अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। इससे बचने के लिए जानकारी और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। हमें भी लगातार सीखते रहना होगा।
साइबर खतरे और विशेषज्ञ की सलाह
साइबर विशेषज्ञ अमित दुबे ने विधायकों को साइबर दुनिया में तेजी से बदल रहे खतरों की वास्तविक तस्वीर से अवगत कराया। कार्यशाला में मंत्रियों में बेबी रानी मौर्य, कपिल देव अग्रवाल, अनिल कुमार, ब्रजेश तथा बलदेव सिंह औलख के साथ प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे उपस्थित रहे।


