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8 अगस्त, 2020|9:29|IST

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केंद्रीय मंत्री गडकरी बोले, लीडरशिप को भी लेनी चाहिए हार की जिम्मेदारी

तीन हिंदी भाषी राज्यों में हाल में भाजपा की हार के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि नेतृत्व को हार और विफलताओं की भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

नितिन गडकरी (ANI)

तीन हिंदी भाषी राज्यों में हाल में भाजपा की हार के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने शनिवार को कहा कि नेतृत्व को हार और विफलताओं की भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। साफगोई के लिये चर्चित बीजेपी नेता ने कहा कि सफलता की तरह कोई विफलता की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता। 
         
नितिन गडकरी ने कहा, 'सफलता के कई दावेदार होते हैं लेकिन विफलता में कोई साथ नहीं होता। सफलता का श्रेय लेने के लिये लोगों में होड़ रहती है लेकिन विफलता को कोई स्वीकार नहीं करना चाहता, सब दूसरे की तरफ उंगली दिखाने लगते हैं।' वह यहां पुणे जिला शहरी सहकारी बैंक असोसिएशन लिमिटेड द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। 

वहीं, नितिन गडकरी ने ट्वीट कर लिखा है कि पिछले कुछ दिनों में मैंने देखा है कि मेरे बयान को तोड़-मोड़ कर दिखाया गया है। मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि मेरे और बीजेपी लीडरशिप के बीच दूरी बनाने की साजिश कभी सफल नहीं होगी।

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विफल को-ऑपरेटिव बैंकों को अन्य बैंकों के साथ मिल जाना चाहिए

जिला नागरी सहकारी बैंक महासंघ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि विफल को-ऑपरेटिव बैंकों को चाहिए कि अन्य बैंकों के साथ मिल जाएं। गडकरी ने कहा कि धैर्य, पारदर्शिता और समर्पण एक ऐसा मंत्र है जिससे बैंक ग्राहकों का दिल जीता जा सकता है जिससे पूरे राज्य के को-ऑपरेटिव बैंकों का विकास हो सकता है।

गडकरी ने कहा कि को-ऑपरेटिव बैंकों को ऐसी नीति लानी चाहिए जिससे शिक्षक, अवकाश प्राप्त नागरिकों तथा मध्य वर्ग से जुड़े अन्य लोगों को उनके जमा धन पर 8.5 प्रतिशत ब्याज मिल सके।

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  • Web Title:Leadership should own up to failures says union minister nitin gadkari