निजीकरण के विरोध में धरना आठवें दिन भी जारी
उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्री कार्यालयों के निजीकरण के खिलाफ अधिवक्ताओं, कातिबों और स्टाम्प विक्रेताओं का आंदोलन आठवें दिन भी जारी रहा। धरना-प्रदर्शन में सरकारी नीति को जनविरोधी बताया गया। अधिवक्ता डी.के. चौहान ने धरने की अध्यक्षता की, जिसमें बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने सरकारी प्रस्ताव के खिलाफ ज्ञापन सौंपा।

सिकन्दराराऊ, संवाददाता। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्ट्री कार्यालयों के कार्यों को निजी कंपनियों को सौंपे जाने के प्रस्ताव के विरोध में अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं एवं टाइपिस्टों का आंदोलन बुधवार को आठवें दिन भी जारी रहा। उप-पंजीयक कार्यालय परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन एवं कलमबंद हड़ताल के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार की प्रस्तावित निजीकरण नीति के विरुद्ध जोरदार विरोध दर्ज कराते हुए इसे जनविरोधी तथा रोजगार विरोधी कदम बताया।धरना सभा की अध्यक्षता अधिवक्ता डी.के. चौहान ‘शोला ने की तथा संचालन वीरपाल सिंह एडवोकेट ने की। प्रतिनिधि मंडल ने मिलकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर नरेश प्रताप, रनवीर सिंह पुंडीर, मुरारी लाल, गौरीशंकर गुप्ता, जयप्रकाश गुप्ता, वीरपाल सिंह, राजेश बघेल, रामकुमार यादव, महेश अंजना, प्रमोद बघेल, अशोक कुमार शर्मा, जितेन्द्र यादव, देवकांत कौशिक, मुनेश शर्मा, हिमांशु शर्मा, रुपेन्द्र बघेल, जितेन्द्र सिंह, राजेश यादव, देवेंद्र बघेल, भगवान सिंह, अरशद अली, राहुल वर्मा, प्रियांशु दरगढ़, समीर यादव, विजय यादव, अवधेश यादव, दीपेश पाठक, आनन्द कुमार सिंह, गिरीश यादव, सजीव यादव कातिब, धनीराम, केदार सिंह, राजकुमार, अमर सिंह, बेनीराम, विश्वविजयी, देवेन्द्र सिंह, यशपाल, अमित कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, कातिब, स्टाम्प विक्रेता एवं टाइपिस्ट उपस्थित रहे।


