विद्यार्थी सहयोग पोर्टल से भोजपुर के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
- छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक समस्याओं के त्वरित समाधान और शिक्षा व्यवस्था में सुधार है उद्देश्य, गम एवं प्रभावी मंच उपलब्ध हो गया है। डीएम तनय सुल्तानिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से...

- छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक समस्याओं के त्वरित समाधान और शिक्षा व्यवस्था में सुधार है उद्देश्य आरा, हमारे संवाददाता। शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार के उद्देश्य से सोमवार को ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से किया गया। इससे भोजपुर समेत राज्यभर के मेहनती एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक समस्याओं के त्वरित समाधान का मौका मिलेगा। साथ ही विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक समस्याओं एवं सुझावों को सीधे ऑनलाइन दर्ज कराने का रास्ता साफ हो गया। इससे छात्रों को एक सुगम एवं प्रभावी मंच उपलब्ध हो गया है। डीएम तनय सुल्तानिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे। इस अवसर पर डीएम ने कहा कि यह पोर्टल विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने, उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान तथा शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए विद्यार्थियों के सुझाव प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
इन विद्यार्थियों के लिए है पोर्टल
‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ पर संबंधित संस्थानों एवं छात्रावासों के वास्तविक छात्र-छात्राएं ही निबंधन कर सकेंगे। विद्यार्थी अपने संस्थान से संबंधित शैक्षणिक समस्याओं की शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार के संबंध में अपने सुझाव भी दे सकेंगे।
इन संस्थानों को किया गया है शामिल
पोर्टल के दायरे में विभिन्न सरकारी शैक्षणिक संस्थानों एवं छात्रावासों को शामिल किया गया है। इनमें विश्वविद्यालय, अंगीभूत महाविद्यालय, अभियंत्रण महाविद्यालय, चिकित्सा महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, पैरा मेडिकल महाविद्यालय, नर्सिंग स्कूल, सिमुलतला आवासीय विद्यालय, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के छात्रावास, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के छात्रावास, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के छात्रावास, कस्तूरबा गांधी छात्रावास तथा समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नेत्रहीन/मूकबधिर विद्यालय शामिल हैं।
किन समस्याओं की शिकायत की जा सकेगी
विद्यार्थी पोर्टल के माध्यम से कक्षाओं का समय पर संचालन नहीं होना, शिक्षकों एवं प्राध्यापकों का समय पर कक्षा में नहीं पहुंचना अथवा अनुपस्थित रहना, परीक्षा का समय पर संचालन नहीं होना, परीक्षा परिणाम समय पर प्रकाशित नहीं होना, अनधिकृत शुल्क की वसूली, कक्षाओं में बिजली एवं बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशालाओं की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, कोचिंग व्यवस्था सहित अन्य शैक्षणिक एवं संस्थागत व्यवस्थाओं से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। साथ ही, शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के संबंध में सुझाव भी दिए जा सकेंगे।
शिकायतों पर इस तरह होगी कार्रवाई
प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों को प्रशासनिक विभाग की ओर से समेकित किया जाएगा। ऐसे सुझाव जिन्हें उपलब्ध योजनाओं के अंतर्गत लागू किया जा सकता है, उन्हें निर्धारित अवधि में लागू किया जाएगा। अन्य सुझावों पर उच्चस्तरीय शिक्षा सुधार समिति द्वारा विचारोपरांत निर्णय लिया जाएगा। -


