एनीमिया महिलाओं,किशोरियों-बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है: सीएस
विकास भारती विशुनपुर के तत्वावधान में एल्केम एनीमिया मुक्ति अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान 15 गांवों में चलाया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी ने एनीमिया के स्वास्थ्य पर प्रभाव पर बात की और जागरूकता के महत्व को बताया। कार्यक्रम में अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद थे।

भरनो, प्रतिनिधि। विकास भारती विशुनपुर के तत्वावधान में प्रखंड मुख्यालय सभागार में शुक्रवार को एल्केम एनीमिया मुक्ति अभियान का शुभारंभ किया गया।
अभियान का उद्देश्य
एल्केम फाउंडेशन के सहयोग से तुरीअंबा, डुडिया और मारासिल्ली पंचायत के 15 गांवों में यह अभियान संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. एसएन चौधरी ने कहा कि एनीमिया महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है।
स्वास्थ्य संबंधी उपाय
उन्होंने संतुलित आहार, समय-समय पर हीमोग्लोबिन की जांच तथा आयरन-फॉलिक एसिड की गोलियों के नियमित सेवन को एनीमिया से बचाव का प्रभावी उपाय बताया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर उपचार से इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। बीडीओ अरुण कुमार ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य संबंधी अभियानों को गंभीरता से लेने और पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं तथा विकास भारती की टीम के साथ मिलकर अभियान को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि थोड़ी-सी सावधानी और नियमित जांच से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
जागरूकता कार्यक्रम
सीडीपीओ नीलम केरकेट्टा ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं और किशोरियों को एनीमिया के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच, पौष्टिक भोजन और आयरन-फॉलिक एसिड की गोलियों के सेवन के लिए प्रेरित किया जाएगा।कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जाहिद अख्तर, आरती कुमारी, रंजना कुमारी, बसंत कुमार, बीपीओ सूरज लकड़ा, कृषि विज्ञान केंद्र की निशा तिवारी, सीके शर्मा, मुखिया रश्मि लकड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।


