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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद घाटी में नया आतंकी गठजोड़ बनाने की कोशिश में लश्कर!

विशेष संवाददाता, हिन्दुस्तान,नई दिल्ली। Published By: Himanshu
Sun, 03 May 2020 11:04 PM
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद घाटी में नया आतंकी गठजोड़ बनाने की कोशिश में लश्कर!

जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा शहर में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी लेने में हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा के द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) में होड़ मची हुई है। लेकिन घाटी में टीआरएफ का नाम आने से सुरक्षाबलों की चिंता बढ़ गई है। घाटी में ताजा आतंकी हमले के बाद आतंकियों के नए गठजोड़ पर सुरक्षा बलों की निगाह है। माना जा रहा है कि हंदवाड़ा में शनिवार को हुई आतंकी मुठभेड़ की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है।

साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठनों में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद से गुपचुप नए संगठन खड़े होने की चर्चा भी है। लश्कर के भी नए नाम से गतिविधियां शुरू करने का इनपुट एजेंसियों को मिला है। सुरक्षा बल सभी इनपुट की कड़ियों को खंगालकर आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में जुटे हैं।

सूत्रों का कहना है अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद से घाटी में किसी भी बड़ी घटना को अंजाम देने में विफल रहे आतंकी गुट अपने पाकिस्तानी आकाओं के निर्देश पर बड़े हमलों की ताक में हैं। आतंकी आम लोगों को ढाल बनाकर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा बल घाटी में बड़े ऑपेरशन में जुट गए हैं। कोरोना संकट के बीच आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सुरक्षा बल के लिए बड़ी चुनौती बनकर आया है। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई तेज होगी। नाम बदलकर सुरक्षा बलों को गुमराह करने की कोशिश भी कामयाब नहीं होगी।

नाम बदलकर भी कर सकते हैं गुमराह
सुरक्षा मामलों के जानकार पीके मिश्रा का कहना है कि आतंकी संगठन नाम बदलकर कई बार सुरक्षा बलों को गुमराह करते हैं। लेकिन सच यही है कि जो भी आतंकी संगठन कश्मीर में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके पीछे पाकिस्तान का हाथ है। उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से सुरक्षा बलों की चुनौती बढ़ गई है। यह देखना होगा कि आतंकी इसका फायदा किसी भी तरह से न उठा पाएं।

हमले के पीछे कौन?
हिजबुल आतंकवादियों में से एक ने हंदवाड़ा में भारतीय सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के दौरान अपने सहयोगी को एक ऑडियो कॉल किया और इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली। वहीं टीआरएफ दोनों आतंकवादियों की तस्वीरें पोस्ट कर रहा है। लॉकडाउन के बाद से 35 आतंकी ढेर हंदवाड़ा मुठभेड़ के साथ ही लॉकडाउन के लागू होने से लेकर अब तक 20 सुरक्षाकर्मी शहीद हो चुके हैं, जबकि इस दौरान 35 आतंकवादी भी मारे गए हैं।

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