भू-धंसान से सीसीएल अस्पताल, सड़कें और भवन में आई दरारें
गिरिडीह के लंकास्टर अस्पताल में मंगलवार सुबह भू-धंसान के कारण हड़कंप मच गया। हालांकि, अस्पताल और कार्यालय बंद होने के कारण बड़े जनहानि से टल गया। भू-धंसान ने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया और क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के मुद्दों को उजागर किया।

गिरिडीह, प्रतिनिधि। सीसीएल की गिरिडीह कोलियरी स्थित लंकास्टर अस्पताल परिसर में मंगलवार अल सुबह भू-धंसान से हड़कम मच गया। घटना सुबह करीब तीन से चार बजे के बीच बताई जा रही है। संयोग से उस समय अस्पताल और कार्यालय बंद थे, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। हालांकि, भू-धंसान ने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्र में अवैध कोयला खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भू-धंसान से अस्पताल परिसर की ओर जानेवाली पक्की सड़कें जगह-जगह फट गई है। सड़क के बीचों बीच चौड़ी दरारें पड़ गई हैं और कई हिस्सों में जमीन धंसने से आवागमन बाधित हो गया है। अस्पताल में स्थित एक बंद भवन भी भू-धंसान की चपेट में आया है। भवन की दीवारों और छत में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। भवन का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हुआ है। वहीं एक जगह पर गोफ भी बन गया है।
अधिकारियों ने लिया जायजा
घटना के बाद मंगलवार सुबह सीसीएल गिरिडीह के महाप्रबंधक के एस गैवाल, परियोजना पदाधिकारी जीएस मीणा, सीएमओ डॉ परिमल सिन्हा आदि ने अस्पताल का जायजा लिया। इस दौरान सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। अस्पताल परिसर में भू-धंसान वाले जगहों की बेरिकेडिंग कर दी गई। जगह-जगह प्रतिबंधित क्षेत्र लिखवा दिया गया।
क्वार्टरों में रहने वाले परिवारों में दहशत
अस्पताल परिसर में करीब दस क्वार्टर हैं, जहां सीसीएल कर्मी अपने परिवारों के साथ रहते हैं। अचानक हुए भू-धंसान के बाद इन परिवारों में भय का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि जमीन दोबारा धंसी तो उनके आवास भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
पहले भी धंसी थी जमीन
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले चार पांच साल के अंदर अस्पताल के पास हुए भू-धंसान में दो क्वार्टर जमींदोज हो गए। पानी टंकी भी धंस गयी। उस समय सुरक्षा के मद्देनजर एक भवन को बंद कर दिया गया था। ग्रामीणों ने अस्पताल के पीछे लंबे समय से चल रहे कथित अवैध कोयला खनन को भू-धंसान की वजह बताया है। उनका आरोप है कि भूमिगत अवैध खुदाई से जमीन कमजोर और खोखली हो रही है।
सुरक्षा संज्ञान में ली गई योजना
सुरक्षा की दृष्टि से परिसर में भू-धंसान प्रभावित जगहों में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। मेडिकल सुविधा तत्काल एक-दो दिनों तक बंद रहेगी। हेडक्वार्टर से बात कर इस पर आगे निर्णय लिया जाएगा। संभवत: पूर्व में किए गए अवैध उत्खनन और उसमें बरसात का पानी घुसने के कारण भू-धंसान की घटना हुई है। अस्पताल परिसर में क्वार्टरों के लिए बगल से वैकल्पिक रास्ता बनाया जाएगा। जो क्वार्टर खतरे में है उन्हें बाहर शिफ्ट किया जाएगा। -- के एस गैवाल, महाप्रबंधक सीसीएल गिरिडीह एरिया।


