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10 जुलाई, 2020|3:10|IST

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निसर्ग तूफान ने महाराष्ट्र के पश्चिमी हिस्सों में लैंडफॉल के साथ मचाई, पुणे में चली तेज हवाएं

nisarga cyclone

पश्चिमी महाराष्ट्र के कई जिलों में बुधवार को निसर्ग तूफान के चलते भारी बारिश हुई और राज्य के रायगढ़ जिले में तूफान के टकराने से लैंडफॉल हुआ है। वहां पर मंगलवार की रात से ही भारी बारिश हो रही है। पुणे जिले के कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो रही है, जैसे –पुणे, मवाल, मुलशी और वेल्हे। अन्य इलाके जैसे सतारा, कोल्हापुर और सांगली में भी भारी बारिश हो रही है। कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे जड़ों से उखड़ गए। कई जगहों पर बत्ती गुल होने की खबर है। मौसम विभाग ने कहा कि पिछले 24 घंटे के दौरान बुधवार की सुबह तक पुणे के शिवाजी नगर में 44 एमएम जबकि लोहेगांव में 97 एमएम और पाशान में 51 एमएम बारिश दर्ज की गई है।

पेड़, मकान और बिजली के खंभे गिरे

शहर के कई हिस्सों में भारी जल-जमाव हो गया है। आईएमडी के पुणे के डायरेक्टर अनुपम कश्यपी ने कहा कि अगले तीन दिनों तक महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्सों में बारिश होगी। जिला कलेक्टर नवल किशो राम ने कहा, हमने ऊंचे इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है, जैसे- अम्बेगांव, जुनार, मवाल, भोर, वेल्हे और मुल्शी जहां पर तूफान का बड़ा असर देखने मिल सकता है।

राम ने कहा, अगर जरूरत पड़ी तो हमने इन इलाकों के लिए लोगों को हटाने की प्लान भी बनाया है। लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें। मौसम विभाग ने बताया कि निसर्ग तूफान के चलते रायगढ़ के अलीबाग में सुबह साढ़े ग्यारह बजे 120 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के साथ लैंडफॉल शुरू हुआ। यह 1961 में आए चक्रवाती तूफान के बाद दूसरा अब तक का सबसे बड़ा तूफान है।

महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने कहा कि तूफान के चलते पावल लाइन्स और खंभों का काफी नुकसान पहुंचा है। महाराष्ट्र स्टेट इलैक्ट्रीसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के ऑफिसर, कर्मचारी, कंट्रैक्टर और सिस्टम्स तैयार हैं। सभी सतर्क रहें और इस संकट से बाहर आएंगे।

चिड़ियाघर से जानवरों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया

चक्रवाती तूफान 'निसर्ग के राज्य में दस्तक देने से पहले मुम्बई के चिड़ियाघर के सभी मांसाहारी जानवरों को बारिश और तेज हवाओं से बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि चिड़ियाघर के आपात प्रतिक्रिया दल को किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। शहर में बारिश के कारण 'वीरमाता जीजाबाई उद्यान में खराब मौसम और पेड़ों के गिरने से किसी भी नुकसान से जानवरों को बचाने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे है ।

यह चिड़ियाघर 50 एकड़ क्षेत्र में फैला है। बृहन्मुंबई नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि बाघ, तेंदुए और लकड़बग्धा जैसे मांसाहारी जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है।

उन्होंने कहा, '' ये स्थान पेड़ गिरने से होने वाले किसी भी नुकसान से सुरक्षित हैं। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पशु रखने वाले, माली, पेड़-काटने वाले और सुरक्षा कर्मचारी सहित 20 सदस्यीय चिड़ियाघर का आपात प्रतिक्रिया दल तैनात है। अधिकारियों ने बताया कि जानवरों के बाड़ों पर भी परिसर में लगे सीसीटीवी से नजर रखी जा रही है।

 

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  • Web Title:Landfall in western parts of Maharashtra due to Nisarga cyclone strong winds in Pune