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नौकरी के बदले जमीन घोटाला, बिहार से दिल्ली-NCR तक 9 जगहों पर सीबीआई की रेड

सीबीआई ने नौकरी के बदले जमीन मामले में मंगलवार को राजद के पूर्व विधायक अरुण यादव और उनकी पत्नी किरण देवी के खिलाफ बिहार के पटना और भोजपुर जिलों सहित देशभर के नौ स्थानों पर छापेमारी की।

नौकरी के बदले जमीन घोटाला, बिहार से दिल्ली-NCR तक 9 जगहों पर सीबीआई की रेड
Gaurav Kalaअविनाश कुमार, हिन्दुस्तान टाइम्स,पटनाTue, 16 May 2023 01:19 PM
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Land For Job Scam: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नौकरी के बदले जमीन मामले में मंगलवार को राजद के पूर्व विधायक अरुण यादव और उनकी पत्नी किरण देवी के खिलाफ बिहार के पटना और भोजपुर जिलों सहित देशभर के नौ स्थानों पर छापेमारी की। सीबीआई इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के कई सदस्यों से पूछताछ कर रही है। बिहार, दिल्ली, हरियाणा और नोएडा में नौ अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है। अलग-अलग टीमों ने सुबह-सुबह नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम में राजद के पूर्व राज्यसभा सांसद प्रेमचंद गुप्ता की संपत्तियों और आवासों की भी तलाशी ली।

दरअसल, किरण देवी के पति अरुण यादव बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद के करीबी हैं। मंगलवार को सीबीआई की आठ सदस्यीय टीम भोजपुर के अगिआंव गांव में किरण देवी के महलनुमा आवास पर पहुंची और तलाशी ली। इस दौरान आवास में विधायक व उनके पति मौजूद थे। सीबीआई छापेमारी की सूचना पर विधायक के समर्थक उनके घर के पास जमा हो गए और चल रही छापेमारी का विरोध किया। सीबीआई की टीम ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हज भवन के पास पटना में उनके आधिकारिक आवास पर तलाशी ली।

राबड़ी से पूछताछ कर चुकी सीबीआई
हाल ही में 6 मार्च को सीबीआई की चार सदस्यीय टीमों ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से नौकरी के लिए जमीन के मामले में उनके सरकारी आवास पर करीब पांच घंटे तक पूछताछ की थी। एजेंसी इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी, उनके पति लालू प्रसाद और बेटी मीसा भारती समेत 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की कर चुकी है। इससे पहले 13 जनवरी को सीबीआई को नौकरी के बदले जमीन मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिली थी। मंजूरी केंद्र सरकार द्वारा दी गई इसके बाद ही सीबीआई ने मामले मे ऐक्शन शुरू किया। सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा, "भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम में संशोधन के तहत, एक लोक सेवक पर मुकदमा चलाने से पहले केंद्रीय एजेंसी के लिए पूर्व मंजूरी की आवश्यकता होती है। लालू प्रसाद यादव 2004-2009 के बीच रेल मंत्री रहे। भ्रष्टाचार का मामला इसी दौरान का है।"
  
क्या है पूरा मामला
सीबीआई ने कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में 7 अक्टूबर को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और सौम्या राघवन, पूर्व महाप्रबंधक (जीएम) कमल दीप, पूर्व मुख्य कर्मियों सहित रेलवे के दो वरिष्ठ अधिकारियों सहित 16 नामजद लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। भारतीय रेलवे में नौकरी पाने वाले सात उम्मीदवारों पर भी चार्जशीट दायर की है, जिन्होंने कथित तौर पर नौकरी के बदले तत्कालीन रेल मंत्री और उनके परिवार को अपनी जमीन बेच दी थी। 

जांच के दौरान, सीबीआई ने पाया कि अभियुक्तों ने मध्य रेलवे के तत्कालीन जीएम और सीपीओ के साथ मिलकर, नौकरी के इच्छुक लोगों को उनके नाम पर या उनके माता-पिता के नाम पर जमीन के बदले नौकरी का विकल्प दिया था। यह जमीन तत्कालीन सर्किल रेट से कम और बाजार दर से काफी कम कीमत पर अधिग्रहित की गई थी। तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों पर पटना में लगभग 1,05,292 वर्ग फीट जमीन/अचल संपत्ति पांच बिक्री विलेख और दो उपहार विलेख के माध्यम से अधिग्रहित करने का आरोप है। जिसमें अधिकांश भूमि हस्तांतरण नकद में दर्शाया गया था। 

सीबीआई ने प्रारंभिक जांच करने के बाद 18 मई 2022 को लालू यादव और 15 अन्य के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पूर्व रेल मंत्री ने ग्रुप डी में नियुक्ति के बदले अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीन हासिल की थी। इसकी एवज पर नौकरियां मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में विभिन्न जोनल रेलवे में दी गईं।

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