सरकारी भूमि के लालच में भिड़ गए दोनों पक्ष, एक की चली गई जान
रुद्रपुर, नंद किशोर गांधी। पिड़हनी गांव में तनाव के चलते अभी भी पुलिस

रुद्रपुर, नंद किशोर गांधी। पिड़हनी गांव में तनाव के चलते अभी भी पुलिस और पीएसी के जवान तैनात हैं। सरकारी भूमि के लिए दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए, जिसमें एक की जान चली गई। शुक्रवार को प्रशासन ने मुख्य आरोपी बैजनाथ यादव के मकान पर बेदखली का नोटिस चस्पा कर दिया।
सरकारी भूमि पर विवाद
रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के पिड़हनी गांव में सरकारी भूमि कब्जाने को लेकर दो पक्षों में काफी समय से विवाद चल रहा था। उसी मामले में आईजीआरएस का निस्तारण करने बुधवार को एसडीएम राजस्व टीम के साथ पहुंचे थे। उसी दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के सर्वजीत को धक्का दे दिया और गिरने से उनकी मौत हो गई जिसके बाद काफी हंगामा हुआ। घटना के बाद से गांव में अभी भी तनाव बना हुआ।
भूमि का कब्जा
पिड़हनी गांव में गाटा संख्या 280 नवीन पर्ती है, जिसका रकबा 61 एयर है। जबकि गाटा संख्या 281 खलिहान की भूमि है जिसका रकबा 85 एयर है। नवीन पर्ती की भूमि पर बैजनाथ यादव और मृतक सर्वजीत यादव दोनों लोग काबिज हैं। करीब एक कट्ठा भूमि पर बैजनाथ का पक्का मकान बन चुका है और सामने सहन है। जबकि उनके मकान के और सहन से सटे करीब एक कट्ठा पर सर्वजीत यादव का नाद खूंटा के साथ ही शौचालय बना हुआ है। नायब तहसीलदार अनिल तिवारी ने बताया कि दोनों पक्ष के लोगों ने नवीन पर्ती की भूमि को कब्जा किया है। जिसके चलते धारा 67 की नोटिस भेज दी गई है। खलिहान की भूमि तो सुरक्षित है, लेकिन नवीन पर्ती कर लोगों ने कब्जा किया है। बहुत बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।
तीन दशक पुराना विवाद
करीब 30 वर्ष से काबिज हैं दोनों पक्ष : दोनों पक्ष करीब तीस वर्ष से नवीन पर्ती की भूमि पर काबिज हैं, जिसमें तीन वर्ष पहले बैजनाथ यादव ने अपना पक्का मकान बनवाया। अब बैजनाथ अपने मकान और सहन के बगल से सर्वजीत यादव से दस फिट का रास्ता मांग रहे हैं। सर्वजीत द्वारा अपने कब्जे की भूमि में रास्ता न देने को लेकर दोनों पक्ष तनाव चल रहा था। बैजनाथ यादव की शिकायत पर 14 जून को राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइस भी किया था। जिसके बाद बैजनाथ यादव ने फिर खलिहान और नवीन पर्ती की भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत किया था। जिसका निस्तारण करने के लिए आठ जुलाई को एसडीएम अवधेश कुमार निगम मौके पर गए हुए थे। निस्तारण के दौरान विवाद हो गया और किसान सर्वजीत यादव की जान चली गई।


