लिंक एक्सप्रेसवे : अंतिम चरण में पहुंचा भूमि अधिग्रहण का कार्य
गंगा एक्सप्रेसवे को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का काम अंतिम चरण में है। लगभग 80 फीसदी किसानों से सहमति मिल गई है। यह एक्सप्रेसवे 74 किलोमीटर लंबा होगा और 55 गांवों से गुजरेगा। इसके निर्माण से एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

गंगा एक्सप्रेसवे को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने वाले प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 80 फीसदी किसानों से आपसी सहमति और समझौते के आधार पर भूमि के बैनामे कराए जा चुके हैं। शेष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी जल्द पूरा करने की तैयारी है। करीब 74 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे से जेवर एयरपोर्ट तक प्रस्तावित है। यह एक्सप्रेसवे कुल 55 गांवों से होकर गुजरेगा, जिनमें 39 गांव बुलंदशहर जनपद के शामिल हैं। परियोजना के पूरा होने से गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट के बीच सीधा और सुगम संपर्क स्थापित होगा। भूमि अधिग्रहण परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। प्रशासन की ओर से किसानों के साथ बातचीत कर सहमति के आधार पर बैनामे कराने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकांश किसानों के बैनामे होने के बाद अब शेष भूमि की प्रक्रिया पूरी करने पर फोकस किया जा रहा है。
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा लाभ
लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से बुलंदशहर समेत आसपास के जिलों के लोगों को जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने में सहूलियत होगी। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों के लिए एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में औद्योगिक, व्यापारिक और परिवहन गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।
लिंक एक्सप्रेसवे
-677.80 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है
-अब तक करीब 80 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हुआ है
-लगभग 87900 किसान होंगे प्रभावित
-सदर तहसील के सबसे अधिक 3436 किसान होंगे प्रभावित
-सिकंदराबाद तहसील में 149 किसान प्रभावित
-जनपद में 39 गांवों में होगा भूमि का अधिग्रहण
-पूरी परियोजना में 55 गांवों में होगा अधिग्रहण


